
New Delhi: किसी परियोजना के लिए एक जनप्रतिनिधि काफ़ी प्रयास करता है और जब योजना मंत्रालय द्वारा ही बंद कर दी जाए तब निराशा तो होती ही साथ ही उम्मीद भी टूट जाती है। लेकिन गोड्डा के MP निशिकांत दूबे की कार्यशैली ठीक इसके उलट है।

अब से महज़ पांच महीने पहले ही गोड्डा-पीरपैती रेल परियोजना को रेलवे ने बंद कर दिया था। वजह बनी राज्य सरकार द्वारा सहयोग से इंकार कर दिया जाना। ये किसी सदमे से कम नहीं था। लेकिन MP निशिकांत दूबे कहा हार मानने वाले थे।

उन्होंने पूरे मामले को PM मोदी के संज्ञान में डाला। रेल मंत्रालय से आग्रह किया। नतीजा यह निकला कि अब रेल मंत्रालय अपने ख़र्च पर गोड्डा-पीरपैती रेल लाइन निर्माण को हरि झंडी दे दी है। और इस आशय का पत्र भी जारी कर दिया है। इस बाद की जानकारी ख़ुद MP निशिकांत दूबे ने ट्वीट कर दी।
लेकिन आज के दौर में विकास की बात हो और उसमे राजनीति न की जाये भला ये संभव है। इस ख़ुशख़बरी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। यहां भी जबरन ट्विटर के ज़रिए क्रेडिट लेने की होड़ मच गई। निशिकांत दूबे के ही ट्वीट से चिट्ठी निकाल कर ख़ुद की क्रेडिट की दावेदारी कर दी गई।
इसी बात का जवाब MP निशिकांत दूबे ने बड़े ही साफ़गोई से दे डाला और लिखा कि आभार प्रकट करने के बदले राजनीति! हमेशा नकारात्मक राजनीति अच्छी बात नहीं होती?


