
Deoghar: रविवार 6.11.2022 को दुमका में संप क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के मतदान का फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर में देवघर के सदस्यों ने बहिष्कार कर दिया है। विदित हो कि सत्र 2022-23 के लिए विगत 10 एवं 11 सितंबर 2022 को फेडरेशन की कार्यकारिणी एवं क्षेत्रीय उपाध्यक्षों के चुनाव संपन्न कराए गए थे।

संथाल परगना चेंबर के अध्यक्ष आलोक मलिक और तब के संप क्षेत्रीय उपाध्यक्ष प्रत्याशी संजीत कुमार सिंह ने 6 नवंबर के प्रस्तावित चुनाव को आलोकतांत्रिक बताया है। दोनों ने सवाल उठाते हुए इसे ग़ैरज़रूरी करार दिया है। इनलोगो का कहना है की मतदान की प्रक्रिया के बाद मतगणना में संप क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की गणना को तत्कालीन चुनाव पदाधिकारियों ने विवादास्पद बना दिया और पहले तो परिणाम को स्थगित करने की बात कही और बाद में सूचना प्रकाशित कर उस चुनाव को अपने विशेषाधिकार का उपयोग कर रद्द करने की घोषणा कर दी।


दोनों चुनाव पदाधिकारियों ने दोनों प्रत्याशियों से लिखित आक्षेप करने को कहा था और दोनों ही प्रत्याशियों ने लिखित विरोध करते हुए कई बिन्दुओं पर उनका जवाब मांगा था जिसका जवाब देना उन दोनों चुनाव पदाधिकारियों ने उचित नहीं समझा।
अब वर्तमान में उन्हीं दोनों चुनाव पदाधिकारियों ने दिनांक 06.11.2022 को उसी रद्द कर दिए गए चुनाव में उस वक्त के दो प्रत्याशियों के बीच ही दुमका में पुनः मतदान कराने की सूचना दी है। इस सूचना के आलोक में फेडरेशन के अध्यक्ष श्री किशोर मंत्री की अध्यक्षता में संप के सदस्यों की वर्चुअल बैठक 2.11.22 को रात्रि 8 बजे हुई जिसमें अधिकतर लोगों की राय में उसी चुनाव को आगे बढ़ाने का विरोध तथा अगर चुनाव कराना जरूरी हो तो पुनः पूर्ण चुनावी प्रक्रिया के तहत नए सिरे से चुनाव कराने की बात उभर कर सामने आई थी।
लेकिन इस बैठक के बाद भी फेडरेशन ने सभी सुझावों को दरकिनार कर फिर से उसी मतदान की प्रक्रिया को जारी रखने की सूचना दी है। उक्त के आलोक में संप के फेडरेशन के सदस्यों ने 6.11.2022 को दुमका में कराए जा रहे मतदान को बहिष्कार करने का निर्णय लिया है और वे दुमका में कराए जा रहे मतदान में भाग नहीं लेंगे।
अगर भविष्य में 2022-23 सत्र के लिए तत्कालीन दोनों चुनाव पदाधिकारियों के अलावे किसी अन्य चुनाव पदाधिकारी की देखरेख में फिर से पूरी चुनावी प्रक्रिया के तहत चुनाव कराने का निर्णय लिया जाता है तो देवघर उसमें सहर्ष भाग लेगी। देवघर के सदस्यों और चैम्बर ने इस आशय का हस्ताक्षरित पत्र फेडरेशन को लिखित भेज दिया है।संप के कुल वोट का 50 प्रतिशत से भी ज्यादा वोटर्स इस चुनाव को बहिष्कार कर चुका है।
इतने लोगों द्वारा इस चुनाव से असहमति दिखाने के बावजूद फेडरेशन द्वारा चुनाव प्रक्रिया जारी रखना सदस्यों की भावना के खिलाफ है। तथापि फेडरेशन का यह अड़ियल रुख साफ इंगित करती है कि फेडरेशन की सोच रांची के बाहर के सदस्यों और एफिलिएटेड चैम्बर्स के लिए सम्मानजनक नहीं है।


