
Deoghar: देवघर एसपी सुभाषचन्द्र जाट को मिली गुप्त सूचना पर 44 सालों से फरार चल रहे एक लाल वारंटी को सोनारायठाढी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल गये वारंटी का नाम नरेश प्रसाद मंडल है। वह दुमका नगर थाना क्षेत्र स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में 1978 में हुए मारपीट का वारंटी था।

वारंटी की गिरफ्तारी नगर थाना क्षेत्र स्थित बरमसिया के साकेत विहार कॉलोनी से किया गया। वह मूल रूप से सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के साकिन दोन्दिया नावाडीह का रहने वाला है। सबसे मजे की बात तो है कि वह 1978 में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ। उसके बाद वह बिहार में जेई के पद पर एरिगेशन विभाग में काम करता रहा। दो वर्ष पूर्व वह बिहार के जमुई जिला के झाझा प्रखंड से सेवानिवृत हुआ। 44 वर्षों में पुलिस उसे कभी ढ़ूंढ नहीं पायी और वह मजे से सरकारी नौकरी का लाभ लेता रहा। इस बीच उसके सोनारायठाढ़ी स्थित पैतृक घर की पुलिस ने कुर्की जब्ती भी किया। लेकिन पुलिस को यह जानाकरी नहीं मिल पायी की वह कहां रह रहा है और क्या कर रहा है।

आरोपी देवघर जिला का रहने वाला था तो लाल वारंट दुमका से देवघर जिला को भेज दिया गया। एसपी सुभाषचन्द्र जाट ने जिले के सभी थानेदारों को वारंटी एवं लाल वारंटी को गिरफ्तार कर जेल भेजने का सख्त निर्देश दिया है। एसपी के निर्देश पर सोनारायठाढ़ी थाना प्रभारी अफरोज आलाम ने अपनी टीम के साथ छापामारी कर नगर थाना क्षेत्र से रिटायर्ड जेई नरेश प्रसाद मंडल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद जब पुलिस ने उससे पुछताछ किया तो उसने बिहार में जेई पद पर नौकरी से रिटायर्ड हो जाने की बात बतायी।
बताया जाता है कि दुमका स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में वर्ष 1978 में मारपीट हुई थी । इस कांड के प्राथमिकी अभियुक्त नरेश मंडल को बनाया गया था। घटना के कुछ दिन बाद उसे बिहार में नौकरी मिल गई वो चला गया और सेवानिवृत्त होकर जब वो वापस देवघर आया तो उसी मामले में लगभग 44 साल बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया।


