
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो की आय से अधिक संपत्ति (Jharkhand High Court probes disproportionate assets of BJP MLA from Baghmara Dhullu Mahto) की जांच के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पटना को प्रतिवादी बनाया है। सुनवाई के दौरान आयकर विभाग की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि विधायक ढुल्लू महतो की संपत्ति के बारे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहा है।

यह याचिका सोमनाथ चटर्जी नामक शख्स ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि ढुल्लू महतो के पास अनेक चल-अचल संपत्तियां हैं। दावा किया गया है कि उनके पास 670 करोड़ से अधिक की संपत्ति है, लेकिन चुनाव लड़ते समय हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति का सही विवरण नहीं दिया था। कहा गया है कि इनमें से ज्यादातर संपत्ति बेनामी है और यह अवैध तरीके से बनाई गई हैं। इसकी जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है।

झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान आयकर विभाग को इस संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को भी निर्देश दिया था कि वह आयकर विभाग को जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराये।
शुक्रवार को कोर्ट ने जानना चाहा कि उसके निर्देश में आलोक में अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है? इसपर आयकर विभाग ने कहा कि उसे एसबीआई की ओर से सूचनाएं नहीं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 11 नवंबर को उपलब्ध कराई है। एसबीआई को इस तिथि से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है।(IANS)


