
Sarath (Deoghar): जिले के सारठ निवासी एवं सारठ पंचायत के पुर्व मुखिया सह मुखिया संघ के अध्यक्ष रहे मोहनानन्द झा उर्फ भोथो झा के आकस्मिक निधन से सारठ में मातम पसर गया है। इस घटना के संबंध में उनके परिजनों द्वारा बताया गया कि बीते रात्रि (रविवार) को अचानक भोथो झा की तबियत खराब हो गयी थी। जिसके बाद परिजनों ने उन्हें सारठ के हेल्थ केयर नर्सिंग होम एण्ड ट्रामा सेंटर में प्राथमिक इलाज कराने ले गए।

नर्सिंग होम में इलाज के दौरान डॉक्टर ने मोहनानंद झा उर्फ भोथो झा को एक टेबलेट खिलाया। टेबलेट खाते ही उनकी स्थिति बिगड़ने लगी। जिसपर नर्सिंग होम के डॉक्टर ने परिजनों को बॉन्ड भरने पर इलाज की बात कही। इसपर परिजनों ने आनन-फानन में गंभीर अवस्था में उन्हें सारठ समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने स्थिति को गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए देवघर रेफर कर दिया। लेकिन घण्टों तक एम्बुलेन्स नहीं मिला और उनका निधन हो गया।
घंटों रहा सड़क जाम, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

मोहनानन्द झा के निधन के बाद उनके परिजनों व समर्थकों ने डॉक्टर पर लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सा प्रभारी के विरुद्ध जमकर नारेबाजी किया। एनएच 114 ए सारठ-देवघर मुख्य सड़क को मुरचुरा के समीप जाम कर दिया। वहीं इस घटना की सूचना मिलते ही सारठ पुलिस अनुमंडल क्षेत्र के सारठ, पालाजोरी, खागा, चितरा के थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और परिजनों और समर्थकों को समझा बुझाकर कर जाम को हटवाया।
इधर उनके निधन की खबर आग की तरह चारों ओर फैल गयी और शोक प्रकट करने के लिए लोगों का तांता लगना शुरू हो गया। वही सूचना मिलते ही झामुमो नेता परिमल कुमार सिंह उर्फ भूपेन समेत अन्य समाजसेवी, जनप्रतिनिधि एवं आम लोग पहुंचे।
थाना में दिया गया लिखित आवेदन
इधर घटना को लेकर मृतक के छोटे भाई गजानन्द झा उर्फ पिंकु झा ने सारठ के निजी क्लिनिक हेल्प केयर नर्सिंग होम एण्ड ट्रामा सेंटर के डॉक्टर के विरुद्ध सारठ थाना में एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। दिए गए आवेदन में जिक्र किया गया है कि बीते रात्रि करीब साढ़े सात बजे मेरे भाई भोथो झा उर्फ मोहनानंद झा का तबियत एकाएक बिगड़ गई ,तभी हमलोग आनन फानन में उक्त नर्सिंग होम उन्हें ले गए। जहां डॉक्टर ने एक टैबलेट खिला दिया जिससे उनकी तबियत पहले से ज्यादा खराब हो गयी। इस दौरान डाक्टर साहब बोले कि तुम लोग चिंता मत करो ठीक हो जाएगा। लेकिन जब तबियत काफी बिगड़ती गई तो हमलोग उन्हें सारठ समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आवेदन में यह भी जिक्र है कि उक्त नर्सिंग होम के लापरवाही एवं जानकारी के अभाव में यह घटना घटित हुई है।
पुरे मामले पर सारठ थाना प्रभारी शैलेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि नर्सिंग होम में इलाज के दौरान डॉक्टर के द्वारा लापरवाही को लेकर आवेदन मिला है। जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आवेदन प्राप्त होते ही सारठ पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवघर भेज दिया है। वही समाचार लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज की तैयारियां की जा रही थी।


