
Deoghar: बिहार के पटना जिला के बिहटा थाना क्षेत्र निवासी कुख्यात अपराधकर्मी अमित सिंह की हत्या मामले में देवघर पुलिस लगातार तीसरे दिन बिहार पुलिस के एक दारोगा, एक हवलदार और तीन सिपाही सहित हिरासत में लिये गये सात युवकों से पुछताछ करने में जुटी है। पुलिस यह खंगाल रही है कि कहीं गैंगवार में तो अपराधी अमित की हत्या नहीं हुई? एसपी सुभाषचन्द्र जाट एवं एसडीपीओ पवन कुमार सोमवार को भी नगर थाना में बिहार पुलिस व हिरासत में लिये गये सात युवकों से पुछताछ किया। आजीवन कारावास का सजायाफ्ता अमित सिंह सुरक्षाकर्मीयों के साथ देवघर पेशी के लिये पहुंचा था और उन्हीं के सामने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।

बताया जाता है कि देवघर पुलिस को हत्याकांड मामले में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों कि माने तो देवघर पुलिस लगातार पटना पुलिस से भी संपर्क में है। सूत्र ये भी बताते हैं कि पुलिस कर्मियों के मोबाइल का सीडीआर निकालकर पुलिस जांच कर रही है कि कहीं कुख्यात अमित के विरोधी गैंग के संपर्क में पुलिसकर्मी तो नहीं थे। पुलिस गोली मारने वाले अपराधियों के लोकल लिंक का पता लगाने का भी प्रयास कर रही है। वहीं, इस मामले में वन पदाधिकारी से भी पूछताछ की गयी है।
वन पदाधिकारी से किया पुछताछ

सोमवार को नगर थाना में एसपी सुभाषचन्द्र जाट एवं एसडीपओ पवन कुमार ने देवघर के साहेब पोखर इलाके में रहने वाले वन पदाधिकारी दिगविजय सिंह से भी पुछताछ किया। बताते चलें कि बिहार पुलिस जब अमित को शुक्रवार को पेशी के एक दिन पूर्व लेकर देवघर पहुुंची थी तो वह अपने गुर्गों के साथ साहेबपोखर स्थित दिगविजय सिंह के मकान में ही रूका था। बताया जाता है कि वन पदाधिकारी दिगविजय सिंह से करीब एक घंटे तक नगर थाना में पुछताछ किया गया। सूत्रों कि माने तो पुलिस अब उसके बेटे दीपू से भी पुछताछ करेगी की आखिर अमित सिंह से उसके कैसे संबध थे।
दारोगा तीन बार और आरक्षी दो बार अमित को देवघर पेशी के लिये लेकर आ चुके हैं
कबाड़ व्यवसायी चंचल कोठारी के अपहरण मामले में कुख्यात अमित सिंह की तीन बार देवघर कोर्ट में पेशी हुई थी। तीनों दफा दरोगा रामावतार राम उसे लेकर देवघर पहुंचे थे। वहीं आरक्षी ताबिश खान दो बार आया था। सूत्रों कि माने तो जब-जब कुख्यात अमित सिंह देवघर कोर्ट में पेशी के लिये आता था तब-तब लग्जरी वाहन से आता था। बताया जाता है कि दो बार देवघर के एक होटल में रूका था। उसके साथ तीन वाहन में उसके गुर्गे भी रहते थे। सूत्र बताते हैं कि देवघर पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि अमित सिंह होटल में रूकने के बाद देवघर बाबा मंदिर में पूजा करने भी गया था। बिहार पुलिस की इतनी बड़ी लापरवाही कई सवाल खड़े करती है।
गौरतलब है कि जितनी दफा बिहार पुलिस हिस्ट्रीशीटर अमित सिंह को पेशी के लिये देवघर पहुंची लेकिन एक बार भी स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना नहीं दिया। नियम कहते हैं कि यदि ट्रेन से उतर कर स्टेशन में रूकने की बात होती है तो जाआरपी थाना में सूचना देनी चाहिए था और रात होने पर अपराधी को जीआरपी के हाजत में रखना चाहिये था। वहीं अगर शहरी क्षेत्र में रखना होता है तो स्थानीय थाना को जानकारी देकर अपराधी को थाना हाजत में रखना चाहिये था। लेकिन बिहार पुलिस जितनी बार उसे पेशी के लिये साथ लेकर देवघर पहुंची उतनी बार उसे होटल या उसके किसी दोस्त के घर में रखा।
पुलिस टीम जांच के लिये पटना रवाना होने में जुटी
कुख्यात अमित सिंह हत्याकांड मामले में जांच के लिये देवघर पुलिस की एक टीम पटना रवाना होने की तैयारी में जुट गयी है। देवघर पुलिस पटना जाकर यह पता लगायेगी कि अमित के गैंग से किस गैंग को अदावत थी।
कोर्ट की सुरक्षा बढ़ी
देवघर वकालत खाना परिसर में शनिवार को भरी भीड़ के बीच दिन दहाड़े पटना के कुख्यात अपराधी अमित सिंह की कोर्ट में पेशी के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। इस घटना के बाद सोमवार को कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल को तैनात किया गया था। कोर्ट के हर गेट पर पुलिसकर्मी तैनात थे। आने जाने वाले लोगों की जांच भी कर रहे थे।


