
Ghaziabad: निवाड़ी थाने की पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक महिला ने जेल से फरार अपने पति को बचाने के लिए एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया। इतना ही नहीं उसने अज्ञात व्यक्ति की लाश को अपने पति के कपड़े व जूते भी पहना दिए और उसका हाथ व चेहरा भी जला दिया। महिला ने अज्ञात व्यक्ति की लाश की पहचान अपने पति के रूप में कर दी।

इस महिला ने यह षड्यंत्र अपने पति और दो बेटों के साथ मिलकर रचा। पुलिस ने आज इस महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक देहात डॉक्टर नीरज राजा ने बताया कि कंकरखेड़ा मेरठ स्थित वंडर सिटी कॉलोनी निवासी कविता का पति अजीत उर्फ अजय हत्या के मामले में मुजफ्फरनगर जेल में बंद था, लेकिन 21 जून 2021 को वह जेल से फरार हो गया था। उसकी पत्नी ने अपने पति को पुलिस के शिकंजे से बचाने के लिए अपने पुत्र शशिकांत और रविकांत के साथ मिलकर यह योजना बनाई कि अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर उसे अपने पति के कपड़े पहनाकर फेंक दिया जाए, ताकि पुलिस उसके पति को मरा समझकर उसकी तलाश करनी छोड़ दे। महिला ने अपने पुत्रों के साथ मिलकर एक व्यक्ति की हत्या कर शव को निवाड़ी गांव के जंगल में फेंक दिया।

अपनी योजना के मुताबिक उन्होंने अज्ञात व्यक्ति का चेहरा और हाथ पूरी तरह जला दिए और कपड़े जूते भी पहना दिए। इतना ही नहीं कविता व उसके दोनों पुत्रों ने इस अज्ञात लाश की पहचान भी अपने पति अजय और अजीत के रूप में कर दी, लेकिन इस दौरान पुलिस को इस पर शंका जाहिर हुई तो इसका डीएनए टेस्ट कराया गया। डीएनए टेस्ट में अज्ञात व्यक्ति का डीएनए अजीत से नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने गहराई से जांच पड़ताल की तो मामले का खुलासा हुआ।


