
Deoghar: पंचायत चुनाव 2022 (Panchayat Election 2022) में देवघर प्रखंड के उदयपुर गांव के मतदाताओं ने सिर्फ इसलिए हिस्सा नहीं लिया क्योंकि प्रशासन ने उनकी बात नहीं मानी और मतदान केंद्र में बदलाव कर दिया। जिसको लेकर मतदाता नाराज हुए। प्रशासन का विरोध जताया। पुलिस अधिकारीयों के काफी समझाने के बाद भी वोट देने मतदान केंद्र नहीं गए।

जानकारी के अनुसार उदयपुर गांव के अधिकतर मतदाताओ का वोट गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर कर दिया गया था। जिससे आक्रोशित मतदाताओ ने चुनाव प्रक्रिया में भाग ही नहीं लिया। उदयपुर गांव के मतदाताओं का कहना था कि गांव में विद्यालय भवन और आंगनबाड़ी केंद्र का भवन मौजूद है । इसके बावजूद गांव से मतदान केन्द्र हटा दिया गया। मतदान केन्द्र हटाने की जानकारी को लेकर पूर्व में ग्रामीणो की ओर से प्रखंड विकास पदाधिकारी और उपायुक्त को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नही किए जाने से मतदाताओ के बीच काफी आक्रोश दिखा।

मतदाताओं ने इसके पीछे प्रत्याशियो की सोची समझी चाल बताया। ग्रामीणों ने कहा कि दस दिन पूर्व उदयपुर के ग्रामीणो की ओर से चुनाव में भाग नहीं लेने की बात कह दी गयी थी। अगर जिला प्रशासन पहले ही पहल कर मतदान केंद्र गांव में कर देता तो पूरा गांव मतदाता चुनाव में अवश्य रूप से भाग लेता।
इधर, ग्रामीणों द्वारा चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं लेने की जानकारी मिलते ही एसडीपीओ पवन कुमार और जसीडीह इंस्पेक्टर विक्रम प्रताप सिंह मौके पर पहुंचकर कर ग्रामीणो को समझाने की कोशिश की लेकिन मतदाता अपनी मांग पर अड़े रहे ।
वहीं, विरोध को लेकर पुलिस ने एक जिला परिषद प्रत्याशी को भी कुछ देर के लिए कब्जे में लिया था जिसे समझा बुझाकर कर बाद में छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार मतदान केन्द्र पर सिर्फ पांच वोट डाले गए।


