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Deoghar में बड़ा हादसा: त्रिकुट पर्वत पर रोपवे का तार टूटा, कई जख्मी, रेस्क्यू जारी

देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के देवघर – दुमका मुख्य मार्ग पर स्थित त्रिकुट पहाड़ पर रविवार की शाम बड़ा हादसा हो गया।

Deoghar : देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के देवघर – दुमका मुख्य मार्ग पर स्थित त्रिकुट पहाड़ पर रविवार की शाम बड़ा हादसा हो गया। यहां बने रोपवे का तार टूट गया। इस दुर्घटना में वहां मौजूद कई यात्री-पर्यटक घायल हो गए हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। जिन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायलों में चार लोग स्थानीय अस्पताल में लाए गए हैं। इनमें असम के कोकराझार निवासी बीएसएफ के रिटायर्ड अधिकारी उपेंद्र वर्मा और उनकी पत्नी दीपिका वर्मा भी शामिल हैं।

कई अनेक यात्री फंसे हुए हैं। यात्रियों को निकालने के लिए स्थानीय ग्रामीणों की मदद से एनडीआरफ की टीम रेस्क्यू कर रही है। यात्री दहशत में है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है।

बताया जा रहा है कि रोपवे का एक तार टूट जाने की वजह से एक ट्रॉली नीचे आ गिरी और उस पर सवार आधा दर्जन लोग घायल हो गए। हादसे के बाद रोपवे बंद हो गया और इसके बाद लगभग एक दर्जन से भी ज्यादा ट्रॉलियां हवा में झूलने लगी और उन पर पांच दर्जन से भी ज्यादा लोग सवार थे। इस बीच देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा है कि कुछ यात्रियों को चोट आई है। ज्यादातर लोग सुरक्षित हैं और उनके रेस्क्यू का प्रयास किया जा रहा है।

इस घटना को लेकर जिले के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जानकारी दी गई कि मोहनपुर प्रखंड अन्तर्गत त्रिकुट पर्वत पर रोपवे सफर के दौरान हुई घटना को लेकर जिला प्रशासन एनडीआरएफ की टीम व स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बचाव कार्य में जुटी हुई है। वर्तमान में स्तिथि पूरी तरह से नियंत्रण में है, बचाव दल के सहयोग से सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।

डीसी ने लोगों से किसी भी तरह के अफवाह से बचने को कहा है और अफवाह फैलाने वालों की जानकारी अपनी नजदीकी थाना या प्रखंड विकास पदाधिकारी को दे सकते है, ताकि ऐसे लोगों के विरुद्ध आवश्यक व कड़ी करवाई की जा सके।

स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे के ट्वीट पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसपर संज्ञान लिया है। 

तीन शिखरों का पर्वत है त्रिकुट

त्रिकुट पर्वत दुमका रोड पर देवघर से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तीन शिखरों का पर्वत होने के कारण इस पहाड़ को त्रिकुट पहाड़ के नाम से जाना जाता है। पहाड़ की तीनों चोटियों में सबसे ऊंची चोटी 2470 फीट की है। त्रिकुट रोपवे भारत का सबसे ऊंचा ऊर्ध्वाधर रोपवे है। इसका अधिकतम लेंस कोण 44 डिग्री है। रोपवे की लंबाई 766 मीटर (2512 फीट) है। रोपवे में पर्यटकों के लिए कुल 25 केबिन उपलब्ध हैं, जिसमें प्रत्येक केबिन में चार लोग बैठ सकते हैं। रोपवे से पहाड़ की चोटी तक पहुंचने में 8 मिनट लगता है। रोपवे की क्षमता 500 लोग प्रति घंटे का है।

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