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Deoghar: बच्ची से छेड़छाड़ मामले में DC ने FIR दर्ज करने का दिया आदेश

#TalkToDC कार्यक्रम के दौरान जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा।

Deoghar: देवघर उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री (Deoghar Deputy Commissioner cum District Magistrate Manjunath Bhajantri) की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार से #TalkToDC ऑनलाईन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के सभी दसों प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं 100 सीएससी केंद्रों के माध्यम से जिले के विभिन्न पंचायत के लोगों ने उपायुक्त से ऑनलाईन मुलाकात कर अपनी समस्याओं व सुझावों से अवगत कराया। इसके अलावे #TalkToDC कार्यक्रम के दौरान जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा।

इस दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री द्वारा उपस्थित लगभग सभी लोगों से एक-एक कर उनकी समस्याएँ सुनी गयी एवं अश्वासन दिया गया कि उनके सभी शिकायतों की जल्द से जल्द जाँच कराते हुए शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

सबसे पहले उपायुक्त ने सोनारायठाड़ी प्रखण्ड अन्तर्गत एक बच्ची से छेड़छाड़ के मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित पुलिस अधिकारी को एफआईआर दर्ज करने का निदेश दिया। साथ हीं दूसरे मामले में पुलिस द्वारा पक्षपात के मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित पुलिस पदाधिकारी को मामले की निष्पक्षता से जांच करते हुए आगे की कार्रवाई से उपायुक्त को अवगत कराने का निदेश दिया गया।

साथ हीं विभिन्न प्रखण्डों से वृद्धा पेंशन व दिव्यांग पेंशन के मामलों को संज्ञान में लेते हुए संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को कड़े शब्दों निदेशित किया कि 48 घंटों के अंदर इन सभी पेंशन से जुड़े मामलों को ऑनलाईन कराते हुए उपायुक्त कार्यालय को अवगत करायें। आगे उन्होंने सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निदेशित करते हुए कहा कि अपने-अपने पंचायतों के पंचायत सेवकों के कार्यशैली पर विशेष नजर रखें, ताकि आम जनमानस की समस्याओं का निराकरण तय समयानुसार किया जा सके।

युनिवर्सल पेंशन योजना के लाभ से योग्य लाभुकों को किया जायेगा लाभान्वित

इसके अलावे कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी प्रखण्डों के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को निदेशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के योग्य लाभुकों को युनिवर्सल पेंशन योजना से जोड़ा जाना है। योजना की खास बात यह है कि अब 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वृद्धजनों को पेंशन योजना का लाभ प्राप्त होगा, बशर्ते आवेदक करदाता ना हो। गरीब, निःशक्त और निराश्रित जिनमें विधवा, एकल, परित्यक्त महिलाएं भी यूनिवर्सल पेंशन स्कीम से आच्छादित होंगी। इन सभी को एक हजार रुपये महीने की पांच तारीख को प्रतिमाह उनके बैंक खाता में प्राप्त होगा। राज्य सरकार पेंशन देने के लक्ष्यों से परे जाकर झारखंड के हर उस व्यक्ति को यूनिवर्सल पेंशन स्कीम से जोड़ रही है, जो इसके दायरे में आते हैं। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा पूर्व से ही पेंशन योजनाएं संचालित हैं। पूर्व में इन योजनाओं को लागू करने के लिए लक्ष्य यानी सीमित संख्या में लाभुकों का चयन किया जाता था। ऐसे में लक्ष्य पूर्ण होने पर कई जरूरतमंद योजना का लाभ लेने से वंचित रह जाते थे। सभी को योजना का लाभ देने के लिए सरकार ने पहले की विसंगतियों को दूर करते हुए हर उस व्यक्ति को यूनिवर्सल पेंशन योजना से जोड़ने का फैसला लिया है जो इसकी पात्रता रखता है।

आगे उपायुक्त ने सभी प्रखण्डों के अंचलाधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि अधिसूचित प्रदायी सेवाओं से संबंधित प्राप्त आवेदन पत्रों को नियत समय-सीमा के अन्दर निष्पादित किया जाना अनिवार्य है। साथ हीं प्रावधानानुसार नाम निर्दिष्ट पदाधिकारी आवेदन प्राप्त होने पर नियत समय-सीमा में सेवा उपलब्ध करायेंगे या आवेदन अस्वीकृत करेंगे और आवेदन की अस्वीकृति की दशा में कारणों को अभिलिखित कर आवेदक को सूचित करेगा।

वहीं सेवा देने की गारंटी अधिनियम अन्तर्गत अधिसूचित प्रदायी सेवाओं का निष्पादन ससमय नहीं होने का मामला संज्ञान में आया है। ऐसे में झारसेवा के तहत आये हुए मामलों का ससमय निष्पादन करें। साथ हीं बिना औचित्यपूर्ण कारणों से इन मामलों को अनावश्यक लंबित रखने वाले पदाधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। आगे विभिन्न प्रखण्डों से प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न पेंशनों से जुड़े मामले के सभी शिकायतकर्ता की समस्याएँ को सुनने के पश्चात उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े शब्दों में निदेशित किया गया कि सभी आवेदनों का भौतिक सत्यापन करते हुए, समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द करें। साथ हीं वैसे लाभुक जिनको पूर्व में योजना का लाभ मिल रहा है मगर किन्हीं कारणों से पेंशन से जुड़े योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वैसे लाभुकों को चिन्ह्ति करते उनके त्रूटियों का शत प्रतिशत निराकरण करें, ताकि पुनः वैसे सभी लाभुकों को संबंधित योजना की राशि उनके खाते में डीबीटी की जा सके। 

टॉक टू डीसी कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जमीन से जुड़े मामलों को संज्ञान में लेते हुए कहा कि जमाबंदी रैयतों के जमीन की लगान रसीद काटने, पंजी-2 में करेक्शन, पंजी-2 के डिजिटाइजेशन के लिए जल्द ही सदर अंचल कार्यालय प्रांगण देवघर में सभी 10 हल्का के लिए हल्कावाइज अलग अलग 10 काउंटर बनाये जाएंगे। इसके लिए आवेदन कैम्पमोड़ में प्राप्त किये जायेंगे। प्रयोग के तौर पर इसे अभी केवल देवघर सदर अंचल के लिए लागू किया जाएगा। सभी काउंटर्स के लिए दो-दो कर्मी प्रतिनियुक्ति किये जायेंगे। आवेदन के निष्पादन के दरम्यान आवेदक एवं कार्यालय कर्मियों के बीच कम से कम face interaction हो इसे सुनिश्चित किया जाएगा। साथ हीं आवेदन 3 श्रेणी अंतर्गत प्राप्त किए जाएंगे। पहला लगान रसीद काटना, दूसरा पंजी-2 में अगर कोई करेक्शन की जरूरत हो तो इसके लिए आवेदन प्राप्त करना तत्पश्चात लगान रसीद काटना, तीसरी श्रेणी अंतर्गत पंजी-2 के  डिजिटाइजेशन के लिए आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। आवेदन निष्पादन उपरांत आवेदक को निष्पादन की अवस्थिति की जानकारी पोस्ट के माध्यम से दी जाएगी ताकि आवेदक को बार-बार अंचल कार्यालय के चक्कर न काटना पड़े एवम बिचौलिए हावी ना हों। वहीं आवेदक को आवेदन के साथ-साथ खतियान की प्रति अथवा सेल डीड(केवला) की प्रति संगलन करनी होगी। साथ ही पुरानी रशीद, नामांतरण आदेश, नामांतरण का शुद्धि पत्र भी संलग्न करने होंगे। इसके साथ ही आवेदक को इस आशय का शपथ पत्र भी दाखिल करना होगा कि उनके द्वारा दिए गए सभी कागजात सही हैं। किसी प्रकार की फर्जी कागजात पाए जाने अथवा गलत घोषणा करने पर इसकी सारी जवाबदेही आवेदक की होगी और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। इसके साथ ही सभी कागजात स्व अभिप्रमाणित होने चाहिए। आवेदन के साथ सभी कागजातों की एक सूची संलग्न रहेगी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के द्वारा इस संबंध में अंचल अधिकारी, देवघर को विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। बताया गया है कि इस प्रकार के आवेदन तत्काल केवल जमाबंदी रैयतों के भूमि के लिए ही लागू की जा रही हैं। जल्द हीं प्रयोग के तौर पर आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। उपायुक्त द्वारा निदेशित किया गया है कि आवेदकों को उनके आवेदन की पावती भी दी जाय ताकि आवेदन को ट्रैक करने में आसानी हो सके और कार्य निष्पादन ससमय किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने लोगों को जानकारी देते हुए कहा कि हरेक सोमवार को पंचायत स्तर में आपकी समस्याओं की समाधान हेतु #TalkToDC कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी से आग्रह होगा कि वैसे लोग जो कोरोना काल में जो लोग अपनी शिकायत जिला प्रशासन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं, वैसे लोगों को जागरूक करें, ताकि सभी लोगों की समस्याओं को दूर किया जा सके। इसके अलावे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सीएससी मैनेजर को निदेशित किया कि कार्यक्रम को लेकर लोगों को जागरूक करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सके। 

टॉक टू डीसी कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने लोगो को पूर्ण भरोसा दिलाया कि सभी समस्याओं को दूर करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। जिला प्रशासन विधि सम्मत आपकी हर समस्याओं को दूर करने का प्रयास करेगा। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े लोगों को जानकारी देते हुए कहा कि हरेक सोमवार को पंचायत स्तर में आपकी समस्याओं की समाधान हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी से आग्रह होगा कि वैसे लोग जो लोग अपनी शिकायत जिला प्रशासन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं, वैसे लोगों को जागरूक करें, ताकि सभी लोगों की समस्याओं को दूर किया जा सके। इसके अलावे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं व योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान के अंतिम व्यक्ति को मिले। इस पर विशेष रूप ध्यान दें। आगे उपायुक्त ने जिले में सक्षम लोगों द्वारा राशन कार्ड के उपयोग किये जाने के मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जिला स्तर पर अभियान की शुरूआत कर ऐसे लोगों को चिन्हित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश दिया।

■ सीएससी केन्द्र संचालकों को उपायुक्त ने दिये आवश्यक निर्देश

इसके अलावे #TalkToDC कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने जिले के सभी सीएससी केन्द्र संचालकों केा निदेशित किया कि आ रहे लोगों की समस्याओं व शिकायतों से जुड़े आवेदन को अपने पास न रखकर उपायुक्त कार्यालय के ई-मेल पर भेजना सुनिश्चित करें, ताकि वैसे मामले जिन पर कार्यक्रम के दौरान संज्ञान नहीं लिया गया हो। उनकी ट्रेसिंग और ट्रैकिंग करते हुए उनका निष्पादन किया जा सके। साथ हीं उन्होंने सभी सीएससी संचालकों को निदेशित करते हुए कहा कि अपने-अपने गांव में थर्माेकॉल के उपयोग को पूर्ण रूप से बंद करने के उदेश्य ग्रामीणों को जागरूक करें, ताकि दोना-पतल के उपयोग को बढ़ावा मिल सके।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी कमल कुमार कुजूर, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी प्रमोद कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी सुबोध कुमार राजहंस, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी राजीव रंजन, सीएससी मैनेजर सत्यम कुमार, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, जिला आपूर्ति, आवास, जिला पंचायती राज के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

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