Deoghar: देशभर में सायबर फ्रॉड (Cyber fraud across the country) के जरिए हजारों लाखों लोगों की गाढ़ी कमाई को पलक झपकते ही ऑनलाइन लूट (online robbery) लेने वाले लुटेरों के गढ़ में छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ दो ऐसे शातिर जालसाज चढ़े जिसकी तलाश में देश के 25 राज्यों की पुलिस खाक छान रही थी। जी हां, शुरुआती जांच में दोनो के बारे में देवघर की सायबर पुलिस (Cyber Police of Deoghar) को भी इस बात का अंदेशा नहीं था कि, उन्होनें जिन दो ठगों को पकड़ा है दरहक़ीक़त उसकी कहानी आम सायबर ठगों सी नहीं है।
दरअसल, बीते 13 मार्च के रोज देवघर की सायबर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर जिले के करों थाना इलाके के रहने वाले दो सायबर ठग इशाक और इरफान को गिरफ्तार कर लिया और फ़िर पूछताछ के दौरान दोनों के किए खुलासे के बाद सायबर थाने की पुलिस ने जो फेहरिस्त तैयार की उसे देखकर एकबार तो उन्हें भी यकीन नहीं हुआ। हकीकत के आईने में पकड़े गए दोनो शातिर जालसाजों की करतूत देखकर तमाम पुलिकर्मी भी हैरान रह गए।
सूत्रों की मानें तो, इशाक ने जिले के मधुपर में 20 कमरों वाला एक आलीशान मकान बना रखा है जिसमे वह ऐशोआराम की जिंदगी जी रहा था तो इरफान भी लूट और धोखाधड़ी के धन पर अय्याशी कर रहा था। बताया जाता है कि, इशाक और इरफान के बीच फ़िल्म शोले के जय और वीरू सी दोस्ती है.
लिहाजा, जुर्म की दहलीज पर दस्तक भी दोनो ने एक साथ ही दी थी। देखते ही देखते दोनो ने देश भर के हज़ारों मासूम और भोले-भाले तकरीबन एक हज़ार से ज्यादा लोगों को अपनी जालसाजी का शिकार बना उनकी लाखों की रकम पर हाथ साफ कर लिया।
जांच के दौरान देवघर के सायबर डीएसपी सुमित प्रसाद (Cyber DSP Sumit Prasad) ने जो जानकारी जुटाई उसके मुताबिक, पकड़े गए इशाक और इरफान ने तेलंगाना में 267 उत्तर प्रदेश में 263 , दिल्ली में 70 और झारखण्ड में 26 लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना उन्हें कंगाल कर डाला। देशभर के 25 राज्यों की पुलिस को दोनो की सरगर्मी से तलाश थी।
इधर, देवघर सायबर थाने के डीएसपी सुमित प्रसाद के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों ने कुछ और भी सनसनीखेज खुलासे किए हैं। बहरहाल, दोनो की गिरफ्तारी के बाद देवघर की सायबर पॉलिसी अब उनलोगों को कानून की काल कोठरी में कैद करने की तैयारी में जुटी है जो, इन ऑनलाइन ठगों की काली कमाई को अन्य धंधों में लगाकर उसे सफेद करने में मदद किया करते थे।