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महिला बलात्कार, उत्पीड़न, हत्या में राज्य में रोज बन रहे नए रिकॉर्ड: गंगोत्री कुजूर

भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष (BJP State Vice President) गंगोत्री कुजूर(Gangotri Kujur ने कहा कि हेमंत सरकार (Hemant Government) में पिछले दो वर्ष के कार्यकाल में महिलाओं के साथ बलात्कार, उत्पीड़न, हत्या के रोज नये रिकार्ड बन रहे हैं।

Ranchi: भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष (BJP State Vice President) गंगोत्री कुजूर(Gangotri Kujur ने कहा कि हेमंत सरकार (Hemant Government) में पिछले दो वर्ष के कार्यकाल में महिलाओं के साथ बलात्कार, उत्पीड़न, हत्या के रोज नये रिकार्ड बन रहे हैं। मंगलवार को पार्टी कार्यालय में चान्हो में हुई नाबालिग के साथ दुष्कर्म मामले में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 16 जनवरी को चान्हो में हुई नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना ने राज्य को शर्मसार किया है।

उन्होंने कहा कि उक्त नाबालिग समाज और देश सेवा में जाने के लिए प्रतिदिन सुबह-सुबह दौड़ कर अपने आप को तैयार कर रही थी। लेकिन राज्य सरकार की विधि व्यवस्था लचर होने के कारण उसके देश सेवा करने के सपनों को चकनाचूर किया गया। हेमंत सोरेन की सरकार बनने से लेकर अक्टूबर 2021 तक सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3152 बलात्कार की घटना घटी है, जो अपने आप में चौकाने वाला आंकड़ा है। उन्होंने कहा कि वह चाहे होनहार दरोगा रूपा तिर्की हत्याकांड, कांग्रेस विधायक द्वारा महिला के प्रति अभद्र टिप्पणी, रामगढ़ में पदस्थापित एसडीपीओ द्वारा अपनी पत्नी को प्रताड़ित करना आदि घटना से राज्य की बेटियों में भय का माहौल उत्पन्न हुआ है।

हेमंत सोरेन के राज में राज्य के किसी भी कोने में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने स्थानीय विधायक बंधु तिर्की को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि राज्य की इतनी बड़ी घटना घटित हुई है लेकिन न तो पीड़िता और उसके परिजन से मुलाकात कर सांत्वना देने उनके घर गए। उन्होंने कहा कि बात -बात में ट्विटर पर ट्वीट करने वाले मुख्यमंत्री ने इस अमानवीय घटना को लेकर किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखाया।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती कुजूर ने पुलिस प्रशासन की कार्य प्रणाली पर कड़े शब्दों में कहा कि नाबालिग आदिवासी बच्ची का अपहरण और दुष्कर्म मामले में जेजे एक्ट का पालन करने में पुलिस विफल रही। नाबालिग बच्ची को 11 बजे से लेकर शाम सात बजे तक थाने में बैठा कर रखना जेजे एक्ट का उलंघन है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं को महिला आयोग और बल संरक्षण आयोग अपने संज्ञान में लेती है लेकिन राज्य सरकार ने न ही बाल संरक्षण आयोग का गठन किया है और न ही महिला आयोग का। कुजूर ने कहा कि निश्चित समय सीमा के अंदर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दुष्कर्मियों को फांसी की सजा हो।

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