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JPSC मुख्य परीक्षा पर रोक मामले में High Court का फैसला सुरक्षित

सातवीं से 10वीं झारखंड पब्लिक सर्विस कमिशन (JPSC) को लेकर झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई।

Ranchi: सातवीं से 10वीं झारखंड पब्लिक सर्विस कमिशन (JPSC) को लेकर झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित (Reserved) रख लिया है। इस मामले में अदालत अपना फैसला 25 जनवरी को सुनाएगी। 28 जनवरी से सातवीं जेपीएससी की मुख्य परीक्षा होनी है।

इस संबंध में शेखर सुमन ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता राजेश कुमार की ओर से कहा गया है कि आठ प्रश्नों का मॉडल आंसर गलत है, इसलिए एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमेटी बनाकर इसकी जांच कराई जाए। उसके बाद प्रारंभिक परीक्षा को रद करते हुए संशोधत परिणाम जारी किया जाए।

JPSC ने कोर्ट से हस्तक्षेप न करने की अपील की

इस दौरान जेपीएससी के अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने अदालत को बताया कि अगर कुछ मॉडल आंसर गलत भी हो जाते हैं, तो यह सभी के लिए होगा, न कि सिर्फ एक अभ्यर्थी के लिए। इसलिए इस मामले में कोर्ट को कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

इस मामले पर पिछले सप्ताह भी सुनवाई हुई थी। उसमें चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा था कि मामला एकलपीठ में चल रहा है। ऐसे में खंडपीठ मामले में सुनवाई नहीं कर सकती। साथ ही चीफ जस्टिस रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच ने मुख्य परीक्षा की तारीख 28 जनवरी के पहले मामले में सुनवाई पूरी कर आदेश जारी करने का निर्देश दिया है।

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