
Deoghar: सूबे में दो साल की पूरे होने पर हेमंत सरकार (Hemant Government) ने अपने वादे-इरादे-कामयाबी और संकल्प का पिटारा लेकर तमाम मीडिया मंचों के सहारे डमरू बजाने में जुटी है। अखबार में विज्ञापन और सोशल मीडया के ज़रिए बीते दो वर्षों के दौरान हासिल कामयाबी और आनेवाले वक्त में तय किए जाने वाले लक्ष्यों की फेहरिस्त गिनाए जा रहे हैं. लेकिन, विपक्ष मौजूदा सरकार के दावों और वादों को झूठ-फरेब और नाकामी का सबसे बड़ी नज़ीर बता रही है।

गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे (MP Dr Nishikant Dubey) ने सीधे तौर पर हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए तमाम आरोप लगाए हैं। बतौर सांसद हेमंत सरकार ने जिस चुनावी मेनिफेस्टो को जमीनी हकीकत में तब्दील कर जनता की तकदीर बदलने का दावा किया था उसकी बात अब बेमानी हो चुकी है। राज्य की बिजली व्यवस्था, रोज़गार, कोल ब्लॉक नीलामी, झूठे मुकदमे, नेता विपक्ष जैसे तमाम मुद्दों पर आड़े हाथों लेते हुए रघुवर सरकार की तुलना में मौजूद सरकार को बेहद कमज़ोर और करप्ट करार दिया है।

डॉ दुबे ने कहा है कि, नियुक्ति वर्ष मनाने का वादा करने वाली हेमंत सरकार ने युवाओं को रोजगार नहीं दिया लेकिन, ड्रग्स,दारू,गांजा और भांग का आदि ज़रूर बना दिया, तभी तो खुद हेमंत सोरेन ने युवाओं को रोजगार के नाम पर मुर्गा और अंडा बेचने की नसीहत दी थी ताकि, युवा नशे का आदि बने और रोजगार का वादा भूल जाएं।की



