
Deoghar: देवघर DC मंजूनाथ भजंत्री द्वारा जानकारी दी गयी है कि पर्व त्योहारों को देखते हुए कोविड नियमों के तहत ढील दी गयी है। ऐसे में वर्तमान में कोरोना संक्रमण (Covid Infection) का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। ऐसे में वर्तमान समय में कोविड नियमों के अनुपालन व कोविड टीका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

त्योहारों में भीड़-भाड़ होने की संभावना के बाद संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है ऐसे में कोविड नियमों को पालन करते हुए मास्क का उपयोग, सामाजिक दूरी, साफ-सफाई पर विशेष रूप से ध्यान रखें, ताकि संक्रमण फैलने का किसी प्रकार का खतरा न रहे। इसके अलावे सभी की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दूर्गा पूजा, 2021 के आयोजन को लेकर सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन अत्यंत आवश्यक है।
■ ये आदेश रहेंगे जिले में पूर्ण रूप से लागू

1. दुर्गापूजा, 2021 के अवसर पर श्रद्धालु कोशिश करें कि अपने घर में ही पूजा मनायें, वैसे स्थान जहाँ परम्परागत रूप से दूर्गा पूजा पंडाल पूर्व से बनता आ रहा है, वहाँ छोटे स्तर पर पंडाल का निर्माण कराया जाय।
2. कन्टेन्मेंट जोन के बाहर ही दूर्गा पूजा पंडाल का निर्माण कराया जाय।
3. पूजा पंडाल के चारों तरफ से सुरक्षित घेरा बनाया जाय तथा एक तरफ खुला रखा जाय, जिससे श्रद्धालु दूर से ही पूजा-अर्चना एवं दर्शन कर सकें।
4. पूजा पंडाल किसी विषय (थीम) पर आधारित बिल्कुल नहीं होना चाहिए तथा पूजा पंडाल छोटे रूप में निर्माण कराया जाय तथा पंडाल में केवल जरूरी लाइटिंग का ही व्यवस्था किया जाय। पूजा पंडाल के बाहरी भाग में सजावट का कार्य कम-से-कम किया जाय।
5. किसी भी पूजा पंडाल के आस-पास तोरण द्वार का निर्माण नहीं किया जाय।
6. प्रतिमा की ऊँचाई अधिकतम पाँच फीट तक ही होनी चाहिए, ध्वनि विस्तार यन्त्र का प्रयोग पूजा पंडाल में पूजा से संबंधित ही मंत्रोचारण होना चाहिए, परन्तु इस बात का ख्याल रखा जाना आवश्यक है कि सरकार द्वारा निर्धारित ध्वनि प्रदूषण अधिनियम-2000 का पालन निश्चित रूप से किया जाय।
7. सभी पूजा समिति सदस्य यथा आयोजक मंडल के सदस्य, पंडित, स्वयं सेवक यह सुनिश्चित करेंगे कि कम से कम कोविड-19 टीकाकरण का एक डोज अवश्य ले लिये हो।
8. पूजा पंडाल के निकट किसी प्रकार का मेला का आयोजन नहीं होगा तथा किसी प्रकार का फूड स्टॉल नहीं लगाया जायेगा।
9. पूजा पंडाल में एक समय में आयोजक मंडल के सदस्य, पंडित एवं स्वयं सेवक सहित कुल 25 से अधिक लोग नहीं होने चाहिए।
10. दूर्गा पूजा के उपरान्त प्रतिमा विसर्जन जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थान पर ही किया जायेगा।
11. दूर्गा पूजा के दौरान किसी भी प्रकार का सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन वर्जित होगा।
12. दूर्गा पूजा के दौरान प्रसाद का भोग/वितरण नहीं किया जायेगा, परन्तु प्रसाद का होम डिलिवरी किया जा सकता है।
13. दूर्गा पूजा के आयोजन में किसी प्रकार का उद्घाटन समारोह का आयोजन नहीं होगा।
14. दूर्गा पूजा पंडाल के निर्माण के क्रम में किसी भी सड़क/पथ को अवरोध नहीं किया जायेगा।
15. पूजा के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर गर्वा, दाण्डया का आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
16. पूजा के दौरान रावन दहन का आयोजन वर्जित रहेगा।
17. सार्वजनिक स्थलों पर फेस कवर/फेसमास्क का उपयोग अति आवश्यक है।
18. 18 साल से कम उम्र के किशोर एवं किशोरियाँ को पूजा समिति में शामिल करना वर्जित है।
19. पब्लिक प्लेश में कम-से-कम एक दूसरे से छः फीट की दूरी बनाये रखना सुनिश्चित करेंगे।
20. पूजा से जुड़े समिति के सदस्य भारत सरकार या झारखण्ड सरकार द्वारा जारी कोविड गाईड लाइन्स को निश्चित रूप से पालन करेंगे।
इसके अलावे उपरोक्त निर्णयों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/प्रतिष्ठान को भारतीय दण्ड संहिता, की धारा-188 के तहत एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा-51 से 60 के प्रावधानों तथा अन्य सुसंग्त धाराओं के तहत् दंडित किया जायेगा।


