
पटना/देवघर: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOU) की टीम ने गुरुवार सुबह निलंबित IPS राकेश कुमार दुबे (Suspended IPS Rakesh Dubey) के 4 ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। बिहार के पटना में घर और फ्लैट के साथ-साथ झारखंड के जसीडीह में पुश्तैनी मकान और वहां के एक होटल में कार्रवाई जारी है। छापेमारी की पुष्टि EOU के ADG नैयर हसनैन खान ने की है।
आय से अधिक संपत्ति का दर्ज हुआ है केस

ADG के अनुसार, IPS राकेश दुबे के खिलाफ EOU ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। बुधवार को DA case no. 17/21 दर्ज किया गया। कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए सभी चार ठिकानों को सर्च करने के लिए कोर्ट से आदेश हासिल किया गया, जिसके बाद अलग-अलग टीम बनाकर छापेमारी की कार्रवाई चल रही है।
यहां सर्च कर रही टीम

बिहार में पटना के बोरिंग रोड में एसके पुरी थाना के तहत गांधी पार्क इलाके में हाउस नम्बर 119 IPS राकेश कुमार दुबे का घर है। EOU एक टीम इस घर को सर्च कर रही है, जबकि दूसरी टीम पटना में ही जलालपुर सिटी के अभियंता नगर स्थित सुदामा पैलेस अपार्टमेंट के फ्लैट नम्बर 204 को खंगाल रही है। वहीं, तीसरी और चौथी टीम झारखंड के जसीडीह में होटल सचिन रेसीडेंसी और सिमरिया गांव स्थित पुश्तैनी घर को खंगाल रही है।
बालू खनन मामले में पहले IPS, जिनके खिलाफ रेड
बालू के अवैध खनन मामले में भोजपुर के एसपी पद से हटाए जाने के बाद राकेश दुबे को निलंबित कर दिया गया था। उनपर बुधवार को ही आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। मालूम हो कि बालू के अवैध खनन मामले में जुलाई में 41 पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इनमें राकेश दुबे पहले आइपीएस व एसपी हैं जिनके ठिकानों पर ईओयू की छापेमारी हो रही है। इसके पहले आरा और पालीगंज के निलंबित एसडीपीओ, रोहतास, डेहरी के एसडीओ और एक मोटरयान निरीक्षक के ठिकाने पर छापेमारी की गई थी। गौरतलब है कि राकेश कुमार दुबे और औरंगाबाद के एसपी सुधीर कुमार पोरिका को एक साथ हटाया गया था। इनपर बालू माफिया से साठगांठ कर अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। औरंगाबाद के एसपी रहे सुधीर कुमार पोरिक भी इसी मामले में निलंबित किए जा चुके हैं। अभी उनकी संपत्ति की जांच चल रही है । मालूम हो कि राकेश दुबे भोजपुर का एसपी बनने से पहले कई वर्षों तक राज्यपाल के ओएसडी पद पर रहे थे। वे पहली बार जिले में एसपी के पद पर भेजे गए थे। लेकिन कुछ ही महीने में वे कानून के शिकंजे में आ गए।


