
रांची: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के शुरू होने के बाद विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक मांगों को सदन में उठा रहे हैं। झारखंड में शराब का थोक व्यापार एक सिंडिकेट के हाथ में जाने का मामला तूल पकड़ रहा है।

मंगलवार को कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने भी इस मामले में सरकार से जवाब मांगा। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की जांच भी कराने की मांग की है। विधायक ने आशंका जताई है कि शराब के लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों के पीछे सिर्फ एक ही व्यक्ति है। उसी ने हर जिले में अलग-अलग नामों के माध्यम से आवेदन किया है और वह शराब के व्यापार का अधिकार हासिल किया है।

जिन्हें लाइसेंस मिला है उन सभी के ज्यादातर बैंक डिटेल जामताड़ा, मिहिजाम और दुमका के हैं। उन्होंने सरकार से पूछा है कि यह सच है कि बगैर सरकार की अनुमति के विभागीय पदाधिकारियों की मिलीभगत से शराब की कीमत बढ़ा दी गई है। इस मामले में उच्च स्तरीय समिति गठित कर जांच होनी चाहिए।
विधायक बंधु तिर्की ने अमोनिया गैस फैक्ट्री बंद करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि झिरी डंपिंग यार्ड की नरकीय हालत में सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हटिया विधानसभा के कमडे गांव में 18 अगस्त को अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था।
अगर उस दिन बारिश न हुई होती तो भोपाल गैस त्रासदी जैसी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि अमोनिया गैस फैक्ट्री को आवासीय इलाके से हटा दिया जाए। उन्होंने कहा कि झिरी गांव में जांच दल भेजकर वहां के नरकीय हालात का जायजा लें और इसका तुरंत समाधान निकालें।


