
दुमका: जामा थाना क्षेत्र के फाड़ सिमल गांव में जमीन के वर्षों पुराने विवाद ने आज खूनी संघर्ष का रूप अख्तियार कर लिया, जिसमें लाठी-डंडा, तलवार और तीर चले। दोनों पक्षों से 14 लोग घायल हो गये।

यहां वर्षों से जारी त्रिपक्षीय 54 बीघा भूमि का विवाद सोमवार को खेत में जुताई करने के दौरान खूनी संघर्ष का रूप अख्तियार कर लिया। दोनों पक्षों से कुल 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। एक पक्ष से कुल 10 लोग घायल हैं, जिनमें पंचानंद दर्वे नामक एक बुजुर्ग की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उसे फुलो-झानों मेडिकल कॉलेज अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। दूसरे पक्ष से तीन लोगों को गंभीर चोट आयी है। दो लोग को आंशिक रूप से चोटें आयी हैं।

घायलों में एक पक्ष से पंचानंद दर्वे, रणेबल दर्वे, चरकू दर्वे, सुबल दर्वे, नागेंद्र दर्वे, चांचो देवी, संतोष दर्वे, महादेव दर्वे, पत्थल दर्वे और संपति दर्वे है। दूसरे पक्ष से सूरज सिंह, मोहन सिंह एवं दीपक लायक को गंभीर चोट आयी है। पंचानंद सिंह एवं नवेद सिंह को आंशिक रूप से चोटें आयी हैं।
बताया गया है कि वर्षों से इस जमीन का विवाद बंदोबस्त विभाग के न्यायालय में लंबित है। मुख्य रूप से विवाद ग्राम प्रधान घनश्याम सिंह और पंकज दर्वे के बीच चल रहा था। वर्षों से जुताई ग्राम प्रधान घनश्याम सिंह द्वारा किया जाता रहा है। दूसरे पक्ष के पंकज दर्वे का दावा है कि उक्त जमीन की रैयती है। वर्षों पहले पूवर्जों द्वारा जमीन ग्राम प्रधान घनश्याम सिंह के पूर्वजों को जोत के लिए दिया गया था। जमीन के जोत के एवज में ग्राम प्रधान द्वारा कुछ नहीं देने पर पंकज दर्वे आदि ने जमीन वापस लेनी चाही। सोमवार को विवादित जमीन पर एक पक्ष जुताई और धान की रोपाई करने पहुंचे थे। उसी बीच दूसरे पक्ष ने हर्वे हथियार से लैश होकर पहुंच जुताई करने पहुंचे ट्रैक्टर के चक्के की हवा निकाल दी और लाठी-डंडा से ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। धीरे-धीरे मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। उसके बाद दूसरे पक्षों के समर्थक भी जुट गये। दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडा और तलवारें चलीं। इसमें दोनों पक्षों से कई लोग घायल हो गये।
मामले में थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल, दुमका में भर्ती करवाया गया। उनमें एक की स्थिति को गंभीर देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर कर दिया गया। मामलें में दोनों पक्षों से 30 नामजद और 8-10 अज्ञात के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुट गई है।


