
नई दिल्ली : गुरुवार को संसद के मानसून सत्र का आज 13वां दिन था। मानसून सत्र के 13वें दिन भी लोक सभा में विपक्षी सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई मौकों पर बाधित हुई। इस बीच लोकसभा में सांसद निशिकांत दुबे ने सीआरएफ निधि को लेकर प्रश्न पूछे।

जिसपर जवाब देते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत बनने वाली परियोजनाओं में सांसदों की सिफारिश के आधार पर सीधे राशि भेजने के प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है और इसके लिए वित्त मंत्री को प्रस्ताव भेजा जाएगा। गडकरी ने कहा, ‘वित्त मंत्री की स्वीकृति के बाद मैं इस दिशा में कुछ कर सकूंगा और कानून में बदलाव किया जा सकेगा।’

दरअसल, निशिकांत दुबे ने पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि सभी सांसदों की समस्या है कि सीआरएफ निधि राज्य सरकार के अधीन होने से इसमें सांसदों की सिफारिशें नहीं ली जातीं। एमपी निशिकांत दुबे ने सांसदों का कोटा निर्धारित होने या उनकी सिफारिशें स्वीकार किये जाने की संभावना के बारे में मंत्री से पूछा।
गडकरी ने लोकसभा में निशिकांत दुबे के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि केंद्र सरकार सांसदों की सिफारिश के आधार पर सीधे राशि निर्गत करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। नितिन गडकरी ने जवाब में कहा कि यह बात सच है कि सीआरएफ निधि के तहत केंद्र सरकार राज्य की सिफारिश के बिना किसी परियोजना को मंजूरी नहीं दे सकती।
उन्होंने कहा, ‘संसद के सार्वभौम होने के बाद भी सांसदों को इसमें किसी तरह का अधिकार नहीं है। सदस्य की और सारे सदन की भावना का ध्यान रखते हुए इस संबंध में प्रस्ताव वित्त मंत्री को भेजा जाएगा कि सीआरएफ निधि में से कुछ राशि सांसदों को उनकी सिफारिशों के आधार पर दी जाए।‘
(एजेंसी इनपुट के साथ)


