
धनबाद: सीसीटीवी फुटेज जॉगिंग पर निकले धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद की बुधवार की सुबह सड़क दुर्घटना में हुई मौत के कई सुराग खोल सकती है। घटना शहर के रणधीर वर्मा चौक की है। न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद को किसी अज्ञात वाहन द्वारा कुचल दिए जाने की बात कही जा रही थी लेकिन अब इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो चौंका देने वाला है।

सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि न्यायाधीश उत्तम आनंद सड़क के बाई ओर किनारे जॉगिंग करते हुए आगे बढ़े जा रहे है। ठीक उसी वक्त उनके पीछे एक ऑटो आती है, जिसके ड्राइवर सीट पर दो लोग बैठे नजर आ रहे है। ऑटो अचानक सड़क के किनारे जॉगिंग कर रहे न्यायाधीश की ओर बढ़ती है और उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारकर सीधे सड़क पा आगे बढ़ जाती है, जबकि न्यायाधीश इस टक्कर से सड़क के किनारे उछल कर कुछ दूर जा गिरते है।

बता दें कि न्यायाधीश उत्तम आनंद ने छह माह पूर्व ही धनबाद के न्यायाधीश के रूप पदभार ग्रहण किया था। इसके पूर्व वह बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। बुधवार की सुबह रोज की तरह न्यायाधीश उत्तम मॉर्निंग वॉक करने पांच बजे सुबह अपने आवास से निकले। इसी दौरान रणधीर वर्मा चौक के आगे न्यू जज कॉलोनी मोड़ पर विपरीत दिशा से आ रही किसी अज्ञात चार पहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। सड़क पर तड़पता देख पवन पांडे नामक एक राहगीर ने उन्हें घायल अवस्था में इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच भेजा, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव समेत जिला के तमाम न्यायिक पदाधिकारी एवं मृतक के परिजन एसएनएमएमसीएच पहुंचे।
दूसरी ओर घटना की सूचना पर धनबाद के एसएसपी, एसपी समेत जिला प्रशासन घटना स्थल पर पहुंच मामले की जांच में जुट गई। घटना में शामिल वाहन के बारे में कुछ भी पता नही लग रहा था। इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया। इस दौरान पुलिस को जो फुटेज हाथ लगा वो कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है।
यह सीसीटीवी फुटेज कई सवालों के साथ हत्या की आशंका को भी बल देता नजर आ रहा है। इस पूरे मामले पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने धनबाद डीसी एवं धनबाद पुलिस को ट्वीट कर इस मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति बनाकर इस घटना की जांच कर एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।



