
देवघर: युवाओं को साइबर क्राइम की ट्रेनिंग देकर देवघर में नेटवर्क खड़ा करने वाला मास्टर ट्रेनर योगेश कुमार और सूबे के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख के बीच क्या संबंध है? ये सवाल गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने उठाया है। इतना ही नहीं उन्होंने इस संबंध की NIA से जांच की बात भी कही है।

दरअसल, जिले की साइबर थाना पुलिस ने शनिवार को छह साइबर अपराधियों को विभिन्न थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। जिसमें मास्टर ट्रेनर योगेश भी शामिल है। जिसे मोहनपुर थाना क्षेत्र के घोरमारा से गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि सालों पहले करमाटांड से साइबर अपराध के दांव-पेच सिख कर देवघर लौटे योगेश न सिर्फ अपने गांव बल्कि आसपास के नौजवानों को भी ट्रेंड कर साइबर क्रिमिनल बना चूका है। करीब 100 युवाओं का ग्रुप तैयार कर वो बड़े आसानी लोगों की गाढ़ी कमाई को ठग कर अपनी सम्पति बना लेता है। इसी योगेश को लेकर आज निशिकांत दुबे ने सवाल उठाये हैं।

निशिकांत दुबे के अनुसार 2019 से पहले योगेश भाजपा का सदस्य था। लेकिन, उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे सांसद ने भाजपा से निष्कासित कर दिया था। योगेश और मंत्री बादल के संबंधो पर सवाल उठाते हुए सांसद ने पूछा है कि आखिर योगेश की गिरफ्तारी के बाद थाना से उसे किसने छुड़वाया था। सांसद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ये सवाल करते हुए कहा है कि NIA से एक मंत्री और साइबर अपराधी के बीच रिश्ते की जांच होनी चाहिए।
निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया है “मुख्यमंत्री@HemantSorenJMM जी इस योगेश का आपके मंत्री@Badal_Patralekh जी से क्या संबंध हैं,इसको तालझारी थाना से किसने छुड़वाया था?इसको मैंने तलझारी थाना में गिरफ़्तार होने के बाद २०१९ में भाजपा से निष्कासित किया था,२०१९ से २०२१ तक के इसके संबंधों की जॉंच@NIA_India को करनी चाहिए।”
गिरफ्तार साइबर अपराधियों का मास्टर ट्रेनर योगेश कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है। छह फरवरी 2019 को मोहनपुर थाना में दर्ज कराये गए मारपीट, छिनतई व छेड़खानी मामले योगेश आरोपित रहा है।


