
गोड्डा: कोविड मरीजों के परिजनों को भोजन देने पर गोड्डा जिले के उपायुक्त ने आपत्ति जताई है। हालांकि मौखिक ही सही उन्होंने परिजनों को भोजन देने से रोकने की बात कह दी है।

अब ये सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर भला गोड्डा जिले के डीसी को इस बात से क्या दिक्क्त हो रही कि उनके जिले के हताश-परेशान व आर्थिक रूप से कमजोर कोरोना पीड़ितों और परिजनों तक एक वक़्त का खाना पहुँच रहा हो?
कहीं राजनीतिक दबाव तो नहीं

दरअसल, गोड्डा जिला मुख्यालय समेत सभी वैसे अस्प्ताल जहां जहां कोविड वार्ड बनाया गया है। वहां सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के सौजन्य से भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा रोजाना 200 भोजन के पैकेट कोविड मरीजों के परिजनों को सभी कोविड अस्पतालों में बांटी जा रही। जिसकी भूरी-भूरी प्रशंसा चारों ओर हो रही। इस काम की शुरुआत को लेकर गोड्डा में एसडीएम ऋतुराज द्वारा मौखिक रूप से सहमति भी दी गयी थी साथ ही ताकीद भी की गई थी कि कार्यकर्त्ता इस बात का खासा ख्याल रखें कि कोविड नियमों का उल्लंघन न हो। ऐसे में भोजन बाँटने के क्रम में कार्यकर्त्ता कोविड नियमों का पालन करते हुए भोजन बाँट रहे थे।

आखिर क्यों दिए उपायुक्त ने भोजन बन्द करने के मौखिक आदेश?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओर से कोविड अस्पतालों में भोजन बांटे जाने पर हो सकता हैं किसी सत्ता पक्ष को नागवार गुजरा हो कि विपक्षियों द्वारा नेक काम कैसे जिले में हो रहा है।हालांकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने ये नही कहा कि भोजन बन्द करने का लिखित आदेश मिला है।मगर सोमवार को भोजन वितरण के दौरान अचानक से नगर थाना प्रभारी का पहुंचना जिला प्रशासन की मंशा को दर्शाता जरूर है कि ऊपर से किसी कार्यवाई के लिए ही आदेश भेजा गया हो। हालांकि, थाना प्रभारी ने सदर अस्पताल पहुंचकर जब भाजपा कार्यकर्ताओं को सीमित संख्या में भोजन वितरित करते पाया तो बैरंग लौट गए।
वहीं, सांसद निशिकांत ने जिला प्रशासन के इस रवैये पर कड़ी आपत्ति जताई है उन्होंने कहा है कि ‘भारत के इतिहास में यह पहली घटना होगी,जब बीमार,बीमारी से ग्रसित परिजनों या गरीब को भोजन कराने से रोका जा रहा है।’ उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
आपको बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के सौजन्य से उनके संसदीय क्षेत्र में कोविड अस्पतालों में मरीज व उनके परिजनों के लिए शुद्ध व पौष्टिक भोजन का वितरण किया जा रहा है। कार्यकर्त्ता दूसरों और खुद की सुरक्षा का ख्याल रखते हुए भोजन बाँटने का काम कर रहे हैं।


