
Deoghar: संताल परगना चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज देवघर द्वारा देवीपुर में नए बने प्लास्टिक पार्क में उद्योगों को लगाने की कवायद शुरू की गई है। इसी परीपेक्षय में प्लास्टिक उद्योग : अवेयरनेस एवं निवेशक सम्मेलन का आयोजन 8 सितंबर को देवघर में किया जा रहा है। पहली बार चेंबर और उद्योग विभाग मिलकर उद्योग के प्रोमोशन के लिए ऐसा कार्यक्रम कर रही है।

संप चेंबर द्वारा प्रस्तावित इस आयोजन को उद्योग विभाग झारखण्ड सरकार से सहमति मिल गई है। कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्योग विभाग के सहयोग के लिए कल 27 जुलाई को चेंबर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक और महासचिव प्रमोद छावछारिया ने रांची जाकर उद्योग सचिव जितेन्द्र सिंह, उद्योग निदेशक सह प्लास्टिक पार्क लिमिटेड के एमडी रमेश घोलप, एमएसएमई रांची के डायरेक्टर इंद्रजीत यादव तथा सिपेट रांची के डायरेक्टर प्रवीण बच्छाव के साथ बैठक की। बैठक में चेंबर के साथ कार्यक्रम के सहयोगी झारखंड स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन रांची के अध्यक्ष अंजय पचेरीवाल और जेसिया के अधिकारी एवं झारखण्ड चेंबर के पूर्व अध्यक्ष दीपक मारू मौजूद थे।

उद्योग सचिव जितेन्द्र सिंह ने देवघर के स्थानीय चेंबर द्वारा किए जा रहे प्रयास की सराहना की और इस आयोजन में उद्योग विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग करने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि निवेशकों और प्लास्टिक उद्योग से जुड़े उद्यमियों को सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन नीति से अवगत कराने और निवेशकों से वन टू वन डिस्कशन के लिए उद्योग विभाग की पूरी टीम उनके नेतृत्व में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी में उद्योग विभाग से बेहिचक सहयोग लें, हमारे अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दे दिए जाएंगे।
उद्योग निदेशक एवं एवं झारखंड प्लास्टिक पार्क लिमिटेड के एमडी रमेश घोलप ने बैठक के दौरान सहमति दी कि कार्यक्रम के लिए उद्यमियों और निवेशकों के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल कंपनियों को सरकार की ओर से भी पत्राचार किया जाएगा। चेंबर की सलाह पर प्लास्टिक पार्क में प्लॉट आवंटन के लिए पिछले दिसंबर माह में लिए गए आवेदनों को स्क्रूटनी कर सम्मेलन के दौरान उन्हें अलॉटमेंट लेटर दे देने की तैयारी भी की जाएगी। निवेशकों की सुविधा के लिए कार्यक्रम में बिजली, पॉल्यूशन और पानी की उपलब्धता को एश्योर कराने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी भी रहेंगे।
सिपेट रांची के निदेशक प्रवीण बच्छाव ने बताया कि वे भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे और निवेशकों को सिपेट से मिलने वाली सुविधाओं को बताएंगे। वे भी अपने स्तर से उद्यमियों और पॉलिमर उत्पादकों को आमंत्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि देवघर प्लास्टिक पार्क में भी सिपेट प्रस्तावित है। अभी तत्काल वहां बने एपीपीएसई सेंटर को चलाने का दायित्व उन्हीं का है।

एमएसएमई रांची के निदेशक इंद्रजीत यादव ने बैठक में बताया कि वे स्वयं और उनके अधिकारी भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और अपने स्तर से प्लास्टिक उद्योग में लगने वाले मशीनरी के सप्लायर्स को सम्मेलन के दौरान स्टॉल लगाने के लिए आमंत्रित कर लाएंगे।
उक्त अधिकारियों से हुई बैठक के बाद संप चेंबर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने बताया कि झारखण्ड के उद्योग विभाग से पूर्ण सहयोग की सहमति मिल जाने के बाद अब कार्यक्रम की पूरी तैयारी चेंबर के सदस्यों के साथ मिलकर तीव्रगति से की जाएगी। कार्यक्रम में पॉलीमर कंपनी आईओसीएल, रिलायंस पेट्रोकेमिकल्स, हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स और गेल को भी आमंत्रित कर इस सम्मेलन को पूर्ण रूप से प्लास्टिक उद्योग के प्रगति में उल्लेखनीय बनाया जाएगा।
आलोक मल्लिक ने बताया कि प्लास्टिक उद्योग से जुड़े ऑल इंडिया प्लास्टिक मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, इंडियन प्लास्टिक फेडरेशन, प्लास्टइंडिया और झारखंड स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन जैसे स्टेकहोल्डर एक मंच पर आकर स्थानीय सरकार के सहयोग से इस आयोजन को अभूतपूर्व रूप से सफल बनाएंगे। पूरी उम्मीद है कि सम्मेलन के दिन 8 सितंबर को 36 उद्यमियों को प्लॉट आवंटन हो जाएगा और शेष 66 प्लॉटों के आवंटन के लिए सम्मेलन में ही निवेशक अपनी इच्छा दिखाएंगे जिसकी प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर सरकार यथाशीघ्र पूरी करेगी। चेंबर के महासचिव प्रमोद छावछरिया ने बताया कि सबके सहयोग से आयोजित हो रहे इतना बड़ा आयोजन से चेंबर के कार्यों को एक नया आयाम मिलेगा और संताल परगना चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। देवघर में 102 प्लास्टिक इंडस्ट्रीज दो से तीन साल में धरातल पर दिखने लगेंगे जिससे स्थानीय व्यवसाय को परोक्ष अपरोक्ष लाभ के साथ ही भारी संख्या में रोजगार भी मिलेंगे।


