New Delhi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति और स्थानांतरण को मंजूरी दे दी है। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चार नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं, जबकि दो मौजूदा राज्यपालों को स्थान्तरित किया गया है।

नई नियुक्तियों के तहत ओम प्रकाश माथुर (जो वर्तमान में सिक्किम के राज्यपाल हैं) को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है।

इसके अलावा बृज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां संबंधित पदों का कार्यभार संभालने की तिथि से प्रभावी होंगी।
हरियाणा की वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह कारगिल युद्ध में शहीद हुए बीएसएफ डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की पत्नी हैं। डॉ. यादव महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य भी रही हैं।
रसायन विज्ञान में आईआईटी रुड़की से एमएससी और पीएचडी करने वाली डॉ. यादव 2019 से 2022 तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं। उनकी नियुक्ति को ओबीसी समाज और शहीद सैनिकों के परिवारों के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।
दिल्ली से आने वाले दलित नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। उन्होंने आरएसएस और भाजपा में करीब पांच दशक तक संगठनात्मक कार्य किया है। वह भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
नगर निगम पार्षद से लेकर राज्यसभा सदस्य तक का सफर तय करने वाले गौतम की नियुक्ति को जमीनी स्तर से उभरे दलित नेतृत्व के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। ओबीसी समुदाय से आने वाले बिसेन चार बार विधायक और बालाघाट से सांसद रह चुके हैं।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में स्कूल शिक्षा, वन, परिवहन और खनन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। आयुर्वेद चिकित्सक के रूप में भी उनकी पहचान रही है और भारतीय चिकित्सा पद्धति के प्रति उनकी विशेष रुचि रही है।
झारखंड के वरिष्ठ दलित नेता बृज मोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। किसान परिवार से आने वाले राम अविभाजित बिहार में विधायक रह चुके हैं और पलामू से तीन बार लोकसभा सदस्य चुने गए थे। उन्होंने अनुसूचित जाति मोर्चा और धोबी महासंघ में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दिया।
(IANS)



