बाड़मेर: भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बन रही देश की पहली इमरजेंसी एयर स्ट्रिप का उद्घाटन गुरुवार को होने जा रहा है। यह स्ट्रिप राजस्थान के बाड़मेर-जालोर जिले की सीमा पर अगड़ावा में NH-925A पर बन रही है।

राजस्थान देश पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां आपात स्थिति में लड़ाकू विमानों को हाइवे पर उतार कर दोबारा उड़ान भरी जा सकेगी। बुधवार को यहां रिहर्सल के तौर पर 3 फाइटर प्लेन उतारे गए। एयरफोर्स अधिकारियों की निगरानी में सुबह सबसे पहले हरक्यूलिस प्लेन को उतारा गया। इसके बाद सुखोई और मिग के साथ अगस्ता हेलिकॉप्टर की भी लैंडिग हुई। यहां दोपहर 2 बजे तक आवागमन को भी बंद कर दिया गया। लैंडिंग के पहले से ही एयरफोर्स और पुलिस के अधिकारी पहुंच गए थे।
कितनी लागत और कितना बड़ा है यह एयर हाइवे

इसे भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत तैयार किया गया है। यह पाकिस्तान से 40 किलोमीटर दूर है। इसे वायुसेना के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। 32.95 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह हवाई पट्टी की 3 किमी. लंबी और 33 मीटर चौड़ी है। इसके दोनों तरफ 40 गुणा 180 मीटर आकार की 2 पार्किंग बनाई गई हैं, ताकि लैंडिंग के बाद विमानों को पार्क किया जा सके।
इसके अलावा 25 गुणा 65 मीटर आकार की एटीसी प्लिंथ का डबल मंजिला एटीसी केबिन के साथ निर्माण किया गया है, जो पूरी तरह से वॉशरूम सुविधायुक्त है। इसके अलावा इमरजेंसी हवाई पट्टी के पास 3.5 किमी. लंबी और 7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई है। इस पर 33 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
रक्षा मंत्री और सड़क परिवहन मंत्री करेंगे उद्घाटन
इस एयर स्ट्रीप का उद्घाटन गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। पाकिस्तान बॉर्डर से सटी देश की यह पहली हवाई पट्टी है।
अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के नजदीक पहला ‘टच एंड गो’ ऑपरेशन
देश की पहली आपातकालीन हवाई पट्टी पर 9 सितंबर को करीब डेढ़ घंटे तक वायुसेना के बेड़े में शामिल कई लड़ाकू विमान तेज गर्जना के साथ उतरेंगे और उड़ान भी भरेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस हवाई पट्टी पर लड़ाकू विमानों के ट्रायल के साक्षी बनेंगे। इस दौरान सुखोई SU-30, मिग और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान तेज गर्जना के साथ आपातकालीन हवाई पट्टी पर लैंडिंग करेंगे।
आखिर क्यों बनाई गई हाईवे पर हवाई पट्टी
बता दें कि युद्ध के समय में यह हाईवे हवाई पट्टी की सबसे ज्यादा जरुरत होती है। करीब 50 साल पहले पाकिस्तान से युद्ध जैसी आपात परिस्थितियों में वायुसेना के भुज एयरबेस पर जो हुआ था अब इसके बनने से वैसा नहीं होगा। क्योंकि उस दौरान 1971 को पाकिस्तान के जेट्स ने वायुसेना के भुज एयरबेस पर बम धमाके किए थे। इससे एयरबेस के रनवे तबाह हो गया था। भविष्य में ऐसे हालात पैदा न हों इसके लिए राजस्थान में यह हाईवे हवाई पट्टी बनाई गई है।
भारत के अलावा और कौन से देश में हाइवे पर रनवे
भारत के अलावा जर्मनी, स्वीडन, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ताइवान, स्विटज़रलैंड और फ़िनलैंड जैसे अन्य कई देशों में हाइवे और एक्सप्रेसवे पर विमानों की आपात लैंडिंग होती हैं। यहां हाइवे का रनवे की तरह इस्तेमाल होता है।



