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सीमा विवाद के चलते असम-मिजोरम पुलिस के बीच झड़प, छह पुलिसकर्मियों की मौत

असम और पड़ोसी राज्य मिजोरम के बीच अंतरराज्यीय सीमा विवाद बीते काफी समय से चल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को दोनों राज्यों पुलिस के बीच अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्र पर कब्जा को लेकर झड़प हो गयी जिसमें असम पुलिस के छह जवानों की मौत हो गई और 56 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं।

कछार (असम): असम और पड़ोसी राज्य मिजोरम के बीच अंतरराज्यीय सीमा विवाद बीते काफी समय से चल रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को दोनों राज्यों पुलिस के बीच अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्र पर कब्जा को लेकर झड़प हो गयी जिसमें असम पुलिस के छह जवानों की मौत हो गई और 56 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। हालात का जायजा लेने पहुंची असम के कछार जिला उपायुक्त कीर्ति जल्ली पर मिजोरम के उपद्रवियों ने हमला करके उनके वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जानकारी दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने खुद ट्विट करके कछार जिला के असम-मिजोरम सीमा पर लैलापुल के खुलीछाड़ा में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच हुए संघर्ष में असम पुलिस के छह जवानों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने ट्विट करके कहा “मुझे यह सूचित करते हुए अत्यंत दुख हो रहा है कि असम पुलिस के छह वीर जवानों ने असम-मिजोरम सीमा पर हमारे राज्य की संवैधानिक सीमा की रक्षा करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।” फायरिंग के दौरान असम के कुल 56 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं जिसमें 45 को सिलचर मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कछार जिला के पुलिस अधीक्षक बैभव चंद्रकांता निम्बालकर और धोलाई थाना के धानाध्यक्ष सहाबुद्दीन चौधरी को भी गोली लगी है। दोनों को सिलचर मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि इसकी पुष्टि पुलिस प्रशासन की ओर से नहीं की गयी है।

स्थिति बेहत तनावपूर्ण

मिजोरम और असम पुलिस के बीच गोलीबारी के कारण पूरे इलाके में स्थिति बेहत तनावपूर्ण बनी हुई है। असम पुलिस अपनी सीमा से मिजोरम अतिक्रमणकारियों का खदेड़ने के लिए व्यापक प्रयास कर रही है।असम पुलिस पर पहले पथराव किया गया और फिर मिजोरम के शरारती तत्वों ने धारदार हथियारों से निशाना बनाया। असम पुलिस ने जब इस कार्रवाई का जवाब दिया तो मिजोरम पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में असम पुलिस ने भी फायरिंग की। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच हुई गोलीबारी से अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्र में बेहद तनाव हुआ है।

आंसू गैस के गोले छोड़े गये

दोनों राज्यों के आला पुलिस अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच शुरू हुई झड़प के बाद दोनों तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़े गये। यहां तक कि मिजोरम पुलिस बल, यंग मिजो एसोसिएशन के सदस्यों सहित मिजो उपद्रवियों ने कछार के जिलाधिकारी कीर्ति जल्ली की कार में तोड़फोड़ कर दी। असम पुलिस आईजीपी, कछार जिलाधिकारी, जिला पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को मिजोरम सीमा के लैलापुल धालखाल इलाके का दौरा कर स्थिति की समीक्षा करने के लिए पहुंचे थे। असम पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को इलाके में देखते ही उन पर मिजोरम पुलिस ने अंधाधुंध हमला कर दिया। एक समय दोनों राज्यों की पुलिस लगातार एक-दूसरे पर आंसू गैस के गोले फेंकती रही।

एक दूसरे से उलझते पुलिस कर्मी

गौरतलब है कि पिछले डेढ़ साल से मिजोरम में शरारती तत्वों ने असम में कछार सीमा पर करीब साढ़े छह किमी जमीन पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया है। मिजो उपद्रवियों ने कछार जिला के बांग्ला माध्यम के दो एलपी स्कूलों को बम से उड़ा दिया। कुछ दिन पहले मिजोरम के उपद्रवियों ने फिर से तीन ग्रेनेड विस्फोट किए थे। मिजोरम उपद्रवी कछार के अलावा करीमगंज और हैलाकांदी जिलों के सीमावर्ती इलाकों में भी असम की जमीन पर अवैध घुसपैठ कर कब्जा कर लिया है। असम के तीनों जिलों में पिछले डेढ़ वर्ष से तनाव बना हुआ है।

लोग बेहद डरे हुए

अंतरराज्यीय सीमा पर रहने वाले लोग बेहद डरे हुए हैं। लोग अपने घरों को छोड़कर इलाके से पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं। इस आक्रमता और अवैध आक्रामकता के खिलाफ असम सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय लोगों के अनुसार मिजोरम ने असम पुलिस और स्थानीय प्रशासन की आंखों के सामने धीरे-धीरे असम की जमीन पर अवैध कब्जा के सिलसिला जारी है।

मिजोरम पिछले डेढ़ साल से लगातार असम की जमीन पर अतिक्रमण कर रहा है लेकिन असम सरकार की ओर से कोई कड़ी प्रतिक्रिया नहीं देखी गई। असम में आम जनता और पुलिस प्रशासन के सब्र का बांध आखिरकार आज टूट गया। लंबे इंतजार के बाद असम पुलिस ने चुप्पी को तोड़ते हुए असम की जमीन से मिजो उपद्रवियों को खदेड़ने की कोशिशों में जुट गई है। सीमा से सटे इलाके में रहने वाले आम लोगों ने अपनी जमीन को फिर से पाने के लिए जरूरत पड़ने पर असम पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ा होने की बात कही है।

सोमवार को मिजो हमले में कछार के जिलाधिकारी की कार में तोड़फोड़ की गई जिसके चलते जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क है। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल को तैनात किया जा रहा है। गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाके में हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच रह-रहकर गोलीबारी जारी रहने की सूचना मिली है। असम पुलिस के अधिकारियों ने कहा है कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। यह स्थिति केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के असम और मेघालय के दो दिवसीय दौरे के बाद दिल्ली लौटने के बाद उत्पन्न हुई है।(Agency)

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