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साइबर ठगी का हब बना जामताड़ा, बच्चा-बच्चा नटवरलाल

झारखंड राज्य का जामताड़ा साइबर ठगों का हब बन गया है और यहां का बच्चा-बच्चा नटवरलाल है।

रांची: झारखंड राज्य का जामताड़ा साइबर ठगों का हब बन गया है और यहां का बच्चा-बच्चा नटवरलाल है। यहां के ठग इतने शातिर हैं कि देश के नामी-गिरामी लोगों से लेकर गांव की गलियों में बैठ आम आदमी तक को पलक झपकते शिकार बना लेते हैं। देश के महानगरों में पैठ बना चुके जामताड़ा के शातिरों ने पुलिस प्रशासन की नाक में दम कर रखा है। हालात यह है कि जामताड़ा पूरे देश में साइबर अपराधों के लिए बदनाम हो चुका है।

देश में ज्यादातर साइबर फ्रॉड के मामले झारखंड के इसी जिले से जुड़े हुए होते हैं। अभी हाल ही में साइबर ठगी के 14 आरोपित दिल्ली और 16 आरोपित महानगरी कोलकाता में पकड़े गए हैं। इन सभी का संबंध जामताड़ा से ही है। इतना ही नहीं देश के लगभग हर राज्य से जामताड़ा के साइबर बदमाश दबोचे जा रहे हैं। यह कहना लाजिमी है कि साइबर अपराध यहां का सबसे फायदेमंद धंधा बन गया है। यहां बाकायदा साइबर ठगी के प्रशिक्षण संस्थान चलते हैं, जिनमें चुटकियों में अमीर बन जाने की ख्वाहिश पालने वाले युवक इसके हुनर सीखते हैं और रातो-रात करोड़पति बन जाते हैं। इससे प्रेरित होकर अन्य युवक भी जिंदगी की सीधी राह अपनाने की बजाए साइबर अपराध के दलदल में बेझिझक कूद पड़ते हैं।

हालांकि, पुलिस प्रशासन समय-समय पर इन शातिरों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारियां भी करता है लेकिन इससे यह अपराध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जामताड़ा के साइबर ठग दिन-ब-दिन पुलिस के नई चुनौती और मुसीबत खड़ी करते जा रहे हैं। इनकी धूम बॉलीबुड तक पहुंच गई है। जामताड़ा नाम से बाकायदा एक फिल्म भी बनी है, जो यहां की पूरी दास्तान और इनकी कारस्तानियों को बंया करती है। यहां के ठगों ने फिल्मी दुनिया के महानायक अमिताभ बच्चन तक को निशाना बना लिया और उनके खाते से भी रकम निकाल ली। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम लोगों को शिकार बनाना इनके बांए हाथ का खेल है।

जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिन्हा ने बताया कि लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ मुहिम चलाया जा रहा है । वर्ष 2021 जनवरी से लेकर अगस्त तक कुल 55 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए है। जनवरी से अगस्त तक 230 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है। कुल 295 मोबाइल फोन, 598 सिमकार्ड, 73 एटीएम, 36 पासबुक, पांच पैन कार्ड, तीन लैपटॉप, छह चार पहिया वाहन, नौ बाइक, नगद 43 लाख आठ हजार 640 रुपये बरामद किया है। लगातार साइबर अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए साइबर सेल काम कर रही है।

जामताड़ा साइबर सेल के इंस्पेक्टर हरेंद्र राय ने बताया कि साइबर अपराधियों के सभी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस दौरान जामताड़ा पुलिस को कई सफलताएं भी मिली हैं। इस विषय में आईजी अभियान सह पुलिस प्रवक्ता एवी होमकर ने बताया कि झारखंड में साइबर अपराधियों से निपटने के लिए साइबर थाना और साइबर सेल बनाया गया है, जो लगातार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर रही है और उन्हें सजा भी दिला रही है।

तीन दिन में 30 साइबर आरोपित गिरफ्तार

पिछले तीन दिनों में देश की राजधानी दिल्ली से 14 और कोलकाता से 16 यानी कुल 30 साइबर ठगी के आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं। बीते गुरुवार को कोलकाता पुलिस ने कुख्यात जमाताड़ा गैंग 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह शहर में जालसाजी करने की साजिश रच रहा था। गिरोह के सदस्य झारखंड में गिरिडीह और धनबाद जैसे विभिन्न स्थानों से आते हैं। पुलिस ने इनके पास फर्जी बैंक पासबुक, लैपटॉप, मोबाइल सिम कार्ड और कई अन्य दस्तावेज बरामद किये हैं।

ये सभी शातिर मुख्य रूप से गढ़ीहाट, चांदनी चौक और जादवपुर जैसे शहर के विभिन्न स्थानों से काम कर रहे थे। गिरफ्तार किये गए लोगों की पहचान प्रदीप मंडल, रितेश मंडल, विनीत मंडल, कमल मंडल, छोटेलाल मंडल, ज्ञानसन मंडल, राजेश मंडल, समसूर मंडल, उमेश, बिकारम मंडल, मैनुल मंडल, जीतन मंडल, धर्मेंद्र कुमार मंडल, जॉयदीप मंडल, दिलीप मंडल, अरुण मंडल के रूप में हुई है। यह गिरोह शहर में एक बड़ी जालसाजी की साजिश रच रहा था।

दूसरी ओर झारखंड के जामताड़ा से दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने बीते 31 अगस्त को साइबर ठगी के 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों ने करोडो रुपये की ठगी मामले का खुलासा किया है। इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली पुलिस ने कई मामले सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से लगभग दो करोड़ रुपये की संपत्ति और 20 लाख रुपये कीमत की गाड़ी जब्त की है।

दिल्ली में होने वाली साइबर ठगी की वारदात को लेकर साइबर सेल की टीम काम कर रही थी। इस दौरान उन्हें पता चला कि जामताड़ा से कई गैंग दिल्ली एनसीआर के लोगों को शिकार बना रहे हैं। इस जानकारी पर साइबर सेल की टीम ने वहां से छापेमारी कर गुलाम अंसारी उर्फ मास्टर जी और अल्ताफ उर्फ रॉकस्टार को गिरफ्तार किया। इनकी निशानदेही पर 12 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।

बीते 26 अगस्त को साइबर ठगी का उस्ताद और ठगों के बीच ठग गुरु के नाम से जाना जाने वाला करमाटांड़ का सीताराम मंडल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जामताड़ा साइबर थाना और तेलंगाना की हैदराबाद पुलिस ने करमाटांड़ के सिंदूरजोरी उसके गांव पहुंच गिरफ्तार किया। दूसरे आरोपित मजीद अंसारी को रिंगोचिंगो गांव से दबोचा गया। दोनों को हैदराबाद साइबर थाना में दर्ज ठगी के अलग-अलग मामले में गिरफ्तार किया गया।

सीताराम ने सेवानिवृत्त अधिकारी पी रायडू के खाते से नौ लाख रुपये उड़ाए थे। बहुत पहले सुपर स्टार अमिताभ बच्चन साइबर ठगी के शिकार हुए थे। उस मामले में सीताराम मंडल गिरोह का नाम आया था। जामताड़ा एसपी दीपक सिन्हा ने बताया कि सीताराम सात साल से ठगी कर रहा है। वर्ष 2020 में पी रायडू को फोन पर बैंक अधिकारी बनकर मंडल ने झांसा दिया। उनके खाते व एटीएम का गोपनीय नंबर लेकर ठग लिया।

इसके अलावा मजीद ने वेणु गोपाल के खाते से एक लाख रुपये उड़ाए थे। सीताराम तीन बार जेल जा चुका है। मजीद दूसरी बार जा रहा है। मंडल पर जामताड़ा में आठ व तेलंगाना में सात मामले दर्ज हैं। इस वर्ष भी चार मामले जामताड़ा में दर्ज हुए हैं। एसपी ने बताया कि सीताराम को ठगी के मामले में कोर्ट से दो वर्ष पहले सजा हुई थी। दस साइबर अपराधियों को सजा दिलाई जा चुकी है।

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