
केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने मनाली से लेह के बीच 5,091 मीटर ऊंचे शिंकुन ला दर्रे के नीचे 4.25 किलोमीटर सुरंग बनाने का फैसला किया है. रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए बाॅर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन को आदेश दे दिया है.

साउथ ब्लॉक के अधिकारियों के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और शीर्ष अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) की बजाय बीआरओ के प्रस्ताव को मंजूरी दी.
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बीआरओ और एनएचआईडीसीएल दोनों ने मार्च 2021 में मंत्री के सामने प्रेजेंटेशन दिया था. दोनों प्रस्तावों का अध्ययन करने के बाद रक्षा मंत्रालय ने छोटी सुरंग के पक्ष में फैसला किया है. NHIDCL ने लंबे सुरंग का प्रस्ताव दिया था.
इस टनल के निर्माण का मकसद भारतीय सेना को सालों भर सामानों की आपूर्ति करना है. इस टनल का निर्माण 2024 तक पूरा होगा. इस टनल का रास्ता बर्फ के कारण बाधित नहीं होगा.


