
Patna: उच्च सदन, राज्यसभा की 57 सीटों पर आगामी दस जून को चुनाव होना है। 15 राज्यों में से बिहार की पांच सीटों के लिए भी चुनाव होगा। नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख मंगलवार यानी आज से शुरू हो गई है। 31 मई तक इन सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं।

बिहार कोटे से राज्यसभा में रिक्त हुई सीटों पर छह साल पहले जदयू से शरद यादव और आरसीपी सिंह, राजद से मीसा भारती और भाजपा से गोपाल नारायण सिंह और सतीश चंद्र दूबे को चुना गया था।इस बार इनमें से केवल मीसा भारती को ही टिकट मिलने के लिए कुछ ठोस दावा किया जा रहा है।दूसरी सीट को लेकर नाम अब तक तय नहीं है। इस सीट के लिए राजनीतिक फिजाओं में कम से कम तीन नामों की चर्चा है। तीनों नाम अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। स्व. किंग महेंद्र सिंह की सीट पर जदयू ने अनिल हेगड़े को राज्यसभा भेज दिया है, जिनका कार्यकाल दो साल का है।

शरद यादव अपने टिकट को लेकर लगातार राजद की दरबारी कर रहे हैं। सोमवार को भी वे दिल्ली में लालू यादव से मिले थें। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी चाहते हैं लालू यादव और तेजस्वी यादव, शरद को राजद से टिकट दें। भाजपा के कम से कम एक उम्मीदवार का पत्ता कटना तय माना जा रहा है। इसके पीछे वजह सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखना बताया जा रहा है।
भाजपा कोटे से कार्यकाल पूरा करने वाले दोनों नेता फिलहाल सवर्ण समुदाय से हैं। भाजपा की दो सीटों के लिए भी सोमवार देर शाम तक प्रदेश भाजपा कार्यालय में अध्यक्ष डॉ.संजय जयसवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। हालांकि नाम फाइनल करने को लेकर अभी तक कोई बात सामने नहीं आई है। भाजपा की जिन दो सीटों पर चुनाव होना है। उन दोनों सीटों पर सर्वण उम्मीदवार गोपाल नारायण सिंह (राजपूत) और सतीश चंद्र दुबे (ब्राह्मण) जाति से आते है। भाजपा सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है। दो सीटों में से किसी एक सीट पर भाजपा अपने कर्मठ किसी कार्यकर्ता को राज्यसभा भेज सकती है जिससे यह संदेश जाए कि भाजपा केवल धनपशुओं को ही नहीं राज्यसभा भेजती है। इसके अलावा कुछ चौंकाने वाले संदेश भाजपा दे सकती है और आरसीपी को राज्यसभा भेज सकती है।
जदयू के आरसीपी सिंह के टिकट को लेकर सबसे अधिक मगजमारी हो रही है।कार्यकाल पूरा करने वाले पांच सांसदों में सबसे अहम जिम्मेदारी उन्हीं के पास है।वे फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हैं।बावजूद इसके जदयू अध्यक्ष ललन सिंह, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा सहित खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस मसले पर अब तक साफ-साफ कुछ भी बताने से बचते रहे हैं।आरसीपी सिंह भी इस मसले पर कुछ नहीं बोल रहे।हालांकि आरसीपी सिंह राज्यसभा जाने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं।केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पिछले दो दिनों से पटना में अपने समर्थकों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान पार्टी का कोई बड़ा चेहरा तो उनके साथ नहीं दिखा है लेकिन संगठन से जुड़े और उनके करीबी माने जाने वाले नेता आरसीपी सिंह के दरबार में लगातार मौजूद रहे हैं।आरसीपी सिंह ने अपने समर्थक के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया है कि वह राज्यसभा जा रहे हैं।


