
Tehran/Washington: ईरान में चल प्रदर्शनों पर नियंत्रण के लिए सरकार बेहद सख्ती कर रही है। वहां प्रदर्शनकारियों को सरेआम फांसी पर लटकाया जा रहा है। अमेरिका व यूरोपीय संघ ने ईरान में मानवाधिकारों का हनन (human rights abuses) करने वालों पर पाबंदी का ऐलान किया है।

ईरान में लगातार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। देश में महिलाओं के लिए सख्त ड्रेस कोड का विरोध करते हुए लोग सड़कों पर हैं। अब सरकार विरोध करने वालों को सरेआम फांसी की सजा दे रही है। पिछले एक सप्ताह में दो लोगों को फांसी दी जा चुकी है। यह पूरा आंदोलन महिलाओं पर जबरन ड्रेस कोड थोपे जाने का विरोध करने पर पुलिस हिरासत में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुआ था। पिछले सप्ताह मोहसिन शेखरी को फांसी पर लटका दिया गया था। इसके बाद अब एक अन्य प्रदर्शनकारी को सरेआम मौत की सजा दी गयी है। एक सप्ताह के भीतर दो लोगों को सरेआम फांसी पर लटकाए जाने से विरोध प्रदर्शन और उग्र हो गए हैं।

अमेरिका व यूरोपीय संघ के देशों सहित दुनिया भर में ईरान के मानवाधिकार हनन और दमन की आलोचना हो रही है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने मानवाधिकारों का हनन करने वालों पर पाबंदी लगाए जाने की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इन पाबंदियों को विस्तार देने के लिए दुनिया भर के अन्य देशों के साथ समन्वय और गठबंधन किया है। यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने भी मंगलवार को ईरान के बीस व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। साथ ही मानवाधिकार हनन पर एक इकाई को मंजूरी दी गई है। (Input-HS)


