कोलकाता:

West Bengal Assembly Election 2021: TMC सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को चुनाव के मौके पर सोमवार को फिर झटका लगा है. सिंगूर के विधायक रवींद्रनाथ भट्टाचार्य, हबीबपुर की TMC के पूर्व उम्मीदवार सरला मुर्मु, फुटबॉलर दिपेंदु विश्वास, विधायक सोनाली गुहा, विधायक जुटू लाहिड़ी, विधायक शीतल सरदार,अभिनेत्री तनुश्री चक्रवर्ती, मालदा जिला परिषद के कई सदस्य सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए.

BJP उपाध्यक्ष मुकुल रॉय, बीजेपी के बंगाल ईकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष और शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में ये सभी BJP में शामिल हुए. इसके साथ ही मालदा जिला परिषद पर भी BJP का कब्जा हो गया है. दिलीप घोष ने कहा कि जल्द ही मालदा में उनका चेयरमैन होगा. कुल 5 विधायकों ने TMC छोड़ BJP का दामन थामा.


रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को इस बार टिकट नहीं दिया गया है, उनकी जगह बेचाराम मन्ना को उम्मीदवार बनाया गया है. इसी तरह से दिपेंदु विश्वास बशीरहाट से विधायक थे, लेकिन उन्हें भी टिकट नहीं दिया गया था. वहीं, सोरेन मुर्मु को मालदा हबीबपुर से TMC से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वह भी BJP में शामिल हो गईं. उसी तरह से सोनाली गुहा और जुटू लाहिड़ी को भी इस बार TMC ने उम्मीदवार नहीं बनाया था. इससे वे असंतुष्ट थे और इन लोगों ने TMC छोड़ कर BJP में शामिल होने का निर्णय किया है.
TMC का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से था असंतोष
हाल में TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने TMC के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी, लेकिन इनमें कई TMC विधायकों को उम्मीदवार नहीं बनाया गया था. इससे TMC के नेताओं में काफी असंतोष था. उम्मीदवार नहीं बनाये जाने के कारण लगातार TMC के नेता विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इनमें से कई नेताओं की BJP नेताओं के साथ बातचीत भी हुई थी. उसके बाद इन नेताओं को सोमवार को BJP में शामिल कराने का निर्णय किया गया .
नंदीग्राम से ममता का चुनाव लड़ना नैतिक पराजय
दिलीप घोष ने कहा कि ज्यादातर अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं. बीजेपी को इनका लाभ मिलेगा. टिकट दिया जाएगा या नहीं. इसका फैसला अभी नहीं है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों से उनके साथ राजनीति की है, लेकिन अब वह उन लोगों पर संदेह कर रहे हैं. वह नंदीग्राम में चुनाव लड़ने गई हैं. यह पूरी तरह से उनकी नैतिक पराजय है.




