
Deoghar: श्रावणी मेला के पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ बाबाधाम पहुंची। प्रशासन द्वारा मुकम्मल तैयारियां की गयी है ताकि बाबाधाम आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं हो। तमाम वयस्थाओं पर खुद देवघर डीसी नजर रख रहे हैं। मेला के पहले दिन देवघर डीसी बाबा मंदिर पहुंचे।

डीसी मंजुनाथ भंजत्री ने विधि व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं देवतुल्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा के साथ साथ उन्हें सुगम जलार्पण कराने तथा अन्यान्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त ने बाबा मंदिर आने वाले सभी देवतुल्य श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली व वहां प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया। इसके अलावा उपायुक्त ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय व अन्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने नियमित रूप से साफ सफाई सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सभी अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा का ख्याल रखेंगे।
निरीक्षण के बाद डीसी ने की बैठक

इसके अलावे निरीक्षण के बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने वरीय पदाधिकारियों व दंडाधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन व निगरानी के आलोक में राजकीय श्रावणी मेला को लेकर सभी आवश्यक तैयारियों को पूरी कर ली गई थी। पवित्र सावन माह के आज प्रथम दिन देवतुल्य श्रद्धालु सुगम रूप से जलार्पण कर रहे हैं। जिला प्रशासन का यह दायित्व है कि बाबा मंदिर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाय। ताकि उन्हें किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो। इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि आज प्रथम दिन करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा मंदिर में जलार्पण किया है। साथ ही करीब 3 हजार से अधिक लोगों ने कूपन लिया हैं। इसके साथ ही शीघ्र दर्शन को लेकर भी जिला प्रशासन एक्टिव मोड में है। जिसके तहत एक सिस्टम विकसित किया गया है, जो कि मेट्रो स्टाइल में है। जिससे जलापर्ण करने में तेजी आई है। इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि आने वाली सोमवारी को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियों को पूर्ण किया जा रहा है। ताकि अगले सोमवारी को श्रद्धालु सुगम रूप से जलार्पण कर सकें। इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि मेला के लिए किये जाने वाली व्यवस्थाओं यथा पंडाल, पंडालों में लाइट की व्यवस्था, कांवरियों के लिए पेयजल, शौचालय, वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था स्वास्थ्य केन्द्र, सूचना सह सहायता केन्द्र आदि की अद्यतन स्थिति की जांच करते हुए सभी व्यवस्थाओं को पूर्ण रूप से दुरूस्त कर लेंगे, ताकि मेला के दौरान किसी प्रकार की समस्या का सामना श्रद्धालुओं को न करना पड़े।
इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त मंजुनाथ भंजत्री ने सभी दण्डाधिकारियों, पर्यवेक्षकों, पदाधिकारियों, कार्यपालक अभियंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी से सुनिश्चित करते हुए मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के उद्देश्य से कार्य करें, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु एक अच्छी अनुभूति प्राप्त कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करे। साथ ही मेला के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम व सुरक्षित तथा कतारबद्ध रूप से जर्लापण कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। ऐसे में अपने अपने क्षेत्रों में पूर्ण रूप से एक्टिव रहते हुए कार्य करें। इसके अलावे उपायुक्त ने मेला के दौरान किसी भी स्थिति में दण्डधिकारियों को अपने दायित्वों के निर्वहन के साथ मेला क्षेत्र में सालिनता का परिचय देते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा का सेवा भाव से ख्याल रखे, ताकि श्रद्धालु बाबा नगरी से सुरक्षित व सुलभ जर्लापण कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करे।
आगे बैठक के दौरान उपायुक्त ने मेला क्षेत्र में किये जाने वाले विभिन्न कार्यों के साथ विधि-व्यवस्था व सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया। बैठक के दौरान उपायुक्त मंजुनाथ भंजत्री ने रूटलाईन व कांवरियां पथ में प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षित जर्लापण करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु सुलभ व सुरक्षित जर्लापण कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें।
इस दौरान उपरोक्त के अलावे अनुमंडल पदाधिकारी अभिजीत सिन्हा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार एवं मंदिर के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थें।







