रांची।

सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अस्पतालों के लिए नए भवन बनाने की बजाय बनकर तैयार अस्पतालों को प्राथमिकता के आधार पर चालू करने के निर्देश पदाधिकारियों को दिए हैं।

गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में ठोस व्यवस्था करने को प्राथमिकता देनी है। इसके लिए राज्य के 264 प्रखंड, 45 अनुमंडल और 24 जिला अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करें। साथ ही इन अस्पतालों में चौबीसो घंटे चिकित्सा की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने आवश्यक मानव संसाधन नियुक्ति के लिए प्रस्ताव देने को कहा जिससे चिकित्सकों, नर्सों, पारा मेडिकल व अन्य कर्मियों की कमी को पूरा किया जा सके। साथ ही उन्होंने अस्पतालों में बेहतर प्रबंधन पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो भवन प्रखंड, अनुमंडल और जिले में तैयार हैं या निर्माणाधीन हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सारी व्यवस्था के साथ चालू करें। नए स्वास्थ्य भवन बनाने की फिलहाल आवश्यकता नहीं।
सीएम ने यह भी कहा कि कई भवन बनकर तैयार हैं, जो स्वास्थ्य विभाग के काम नहीं आ रहे। ऐसे में नया भवन का निर्माण करना व्यर्थ है। सरकार उपयोगिता के आधार पर नए भवन के निर्माण के लिए आगे निर्णय लेगी। मुख्यमंत्री ने इसपर चिंता जताई कि राज्य से टीबी जैसे रोग का समूल नाश नहीं अभी तक नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग एक लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिनकी क्षमता का सही उपयोग किए जाना चाहिए। उन्होंने युवकों से सभी एएनएम और जीएनएम बनने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सीएम ने ये भी कहा कि सिर्फ महिलाएं ही इस क्षेत्र में हैं, जबकि इसकी पढ़ाई युवकों को भी करनी चाहिए।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी, अभियान निदेशक रविशंकर शुक्ला आदि उपस्थित थे।


