दुमका।

फुटबॉल मैदान धोबना हरिण बहाल,मसलिया दुमका में सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
राज्य सरकार गरीबों के तकलीफ को समझती है:हेमंत

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों के तकलीफ को समझती है। कोरोना महामारी ने राज्य के समक्ष कई चुनौतियां खड़ी की थी,लेकिन सरकार इस महामारी से डट का मुकाबला कर रही है। इसी वजह से आज इस राज्य की चर्चा चारों ओर हो रही है। गरीबों, मजदूरों और किसानों के हालचाल को जानने एवं उन तक सहायता पहुंचाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


राज्य सरकार आंख बंद कर नहीं, आंख खोल कर कार्य करेगी:हेमंत
हेमंत सोरेन ने कहा कि अब एक भी योग्य लाभुक योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा। सभी योग्य लाभुकों को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। सभी उम्र के हमारी विधवा बहनों को पेंशन मिलेगा। राज्य सरकार आंख बंद कर नहीं,आंख खोल कर कार्य करेगी। जो वाजिब हक गरीबों मजदूरों का है,वह उन्हें हर हाल में मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही कोरोना महामारी के दौरान यह जानकारी मिली कि बड़ी संख्या में लोग दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जा रहे हैं। महामारी के दौरान जिस प्रकार से हमारे मजदूर भईयों को दुतकारा गया वह बहुत ही चिंताजनक है। हमारे मजदूर दूसरे राज्यों से पैदल अपने घर आने के लिए निकल पड़े। सरकार ने हवाई चप्पल पहनने वाले लोगों को हवाई जहाज से उनके घर तक पहुंचाया। विभिन्न प्रदेशों में फंसे लोगों को सरकार ने सबसे पहले ट्रेन के माध्यम से उनके घर तक पहुचाने का कार्य किया और कुछ दिनों बाद यहाँ के मजदूरों को रजिस्ट्रेशन कर ट्रेन के माध्यम से ही लेह लद्दाख कार्य करने के लिए भेजा। उन्होंने कहा कि जो भी मजदूर अन्य राज्यों में कार्य करने के लिए जाते हैं, वे लेबर डिपार्टमेंट ऑफिस जाकर अपना निबंधन अवश्य कराएं ताकि भविष्य में भी अगर किसी प्रकार की कोई महामारी आती हो तो सरकार आपकी मदद कर सके और आपको आपके घर तक ले सके।हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने इस महामारी के दौरान अंडमान निकोबार,लेह लद्दाख जैसे कई अन्य दुर्गम स्थानों पर फंसे लोगों को उनके घर तक पहुँचाया। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोगों को बाहर रोजगार के लिए नहीं जाना पड़े,गाँव-शहर के आसपास लोगों को रोजगार मिल सके इसके लिए सरकार प्रयासरत है। सरकार ने मनरेगा के 3 तहत की योजना भी शुरू की है। इस बार जो मानव दिवस सृजित किये हैं वो अपने आप मे रिकॉर्ड है।कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री शहरी श्रमिक योजना के तहत शहर के लोगों को शहर में रोजगार की गारंटी मिलेगा। अगर रोजगार नहीं मिलता है और उक्त व्यक्ति के पास कार्ड उपलब्ध होगा तो उन्हें बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। सरकार ने बहुत लंबी कार्य योजना तैयार रखी है,जल्द ही आमजनों तक योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान गांव-गांव में दीदी किचन चलाया गया ताकि लोग भूखे नहीं रहे। गौरव की बात है कि संक्रमण के दौरान एक भी गरीब मजदूर की मृत्यु नहीं हुई है। समस्या बहुत है और सभी समस्याओं की जानकारी सरकार के पास है। निश्चित रहें जल्द ही सभी समस्याएं दूर होंगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न विभागों के परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। प्रधानी पट्टा, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना, श्रवण यंत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना, ,बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत पशु सेड,पेंशन योजना के तहत पेंशन, जिला कृषि कार्यालय के तहत सॉइल हेल्थ कार्ड,केसीसी योजना के तहत लाभ, शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल किट मनरेगा के तहत सिंचाई कूप लाभुकों के बीच वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री द्वारा 81 सखी मंडल के दीदियों को 81 लाख रुपए का चेक दिया गया। दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए स्थानीय मुखिया को माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बाइक एंबुलेंस की चाभी सौंपी।
कार्यक्रम स्थल पर कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सामाजिक दूरी के अनुरूप बैठने की व्यवस्था की गयी थी,कुर्सियां लगायी गयी थी।



