
नई दिल्लीः कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पार्टी की हालत पर एक बार फिर से जमकर भड़ास निकाली है और सीधे मौजूदा नेतृत्व पर इशारों में ही सही, जोरदार वार कर दिया है। लगता है कि कपिल सिब्बल कांग्रेस में हाल में लिए गए कुछ फैसलों से बहुत ही नाराज हैं। हालांकि, वे अभी भी कांग्रेस को एकजुट रखने की बात कर रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है।

अपनी चिट्ठी में उन्होंने कहा, ”हम “जी हुजूर 23″ नहीं हैं। यह बहुत स्पष्ट है। हम बात करते रहेंगे। हम अपनी मांगों को दोहराना जारी रखेंगे।” आपको बता दें कि कि कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, उन 23 पार्टी नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष को एक पत्र लिखा था। उस पत्र में कई संगठनात्मक सुधारों की मांग की गई थी।
राहुल पर कसा तंज, जिन्हें अपना मानते थे वे छोड़ गए, हम आज भी साथ

कपिल सिब्बल ने कांग्रेस नेता राहुल गाांधी पर इशारों में हमला बोलते हुए कहा कि जो उनके करीबी थे, वे भी साथ छोड़कर जा रहे हैं। सिब्बल ने कहा, ‘हम (जी-23) वो लोग नहीं हैं, जो पार्टी छोड़कर कहीं और चले गए हों। यह विडंबना है कि जो उनके करीब थे, वे उन्हें छोड़कर चले गए और जिन्हें वे अपने करीब नहीं मानते हैं, वे आज भी साथ खड़े हैं।’ उन्होंने कहा कि जितिन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया और ललितेश त्रिपाठी जैसे बड़े नेता हमें छोड़कर जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में फिलहाल जिस तरह के हालात हैं, उस पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई जानी चाहिए।
हमारे पास कोई अध्यक्ष तक नहीं
सिब्बल ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे पास फिलहाल कोई अध्यक्ष तक नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें जल्द से जल्द एक निर्वाचित अध्यक्ष की जरूरत है।
इस मौके पर ही जी-23 नेताओं के बोलने को लेकर कपिल सिब्बल ने कहा कि हम पार्टी को खत्म होते और नुकसान होते नहीं देख सकते। हम पार्टी को कमजोर नहीं कर सकते हैं। हम आज भी यही कह रहे हैं कि पार्टी को बुनियादी तौर पर मजबूत कीजिए और लोगों की बातों को सुनिए। क्या पंजाब में हमारी वजह से संकट पैदा हुआ है।
कपिल सिब्बल ने जो कुछ कहा है उससे जाहिर है कि वह पार्टी की मौजूदा स्थिति और उसके लिए जिम्मेदार लोगों से सख्त नाराज हैं; और उनका इशारा पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के बेटे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर ही लग रहा है। क्योंकि, हाल में राहुल गांधी ही पार्टी में नेतृत्व के स्तर पर सबकुछ तय करते नजर आ रहे हैं।
गौरतलब है कि जी-23 में कपिल सिब्बल के अलावा मनीष तिवारी, गुलाम नबी आजाद और शशि थरूर जैसे लोग शामिल हैं। इन्होंने पिछले साल सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बहाली के लिए संगठनात्मक चुनाव करवाने की मांग की थी। इसके साथ ही इन्होंने पार्टी में बिना चुने हुए नेताओं की ‘कथित मनमानी’ पर भी आपत्ति जताई थी। उसके बाद से इस ग्रुप के अधिकतर नेताओं को कांग्रेस की मुख्यधारा से अलग रखा जा रहा है। इनमें से तिवारी और सिब्बल ही अक्सर अपनी मांगों को लेकर मुखर होते रहे हैं।


