Deoghar News : रिखिया थाना क्षेत्र के सरासनी गांव में यात्री शेड से ठीक पहले मोड़ के पास कांवर लेकर देवघर आ रहे एक श्रद्धालु से मारपीट कर सोने की अंगूठी व नकदी छीनने का मामला सामने आया है। इस संबंध में भागलपुर जिले के खरीक बाजार थाना क्षेत्र के तेलघी निवासी सुनील प्रसाद सिंह ने रिखिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराकर पांच नामजद समेत आठ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मामले में सुनील प्रसाद सिंह ने बताया है कि वह वर्ष 2005 से लगातार प्रत्येक माह पूर्णिमा के अवसर पर सुल्तानगंज से जल लेकर पैदल कांवर के साथ देवघर बाबाधाम आते हैं। 30 अक्तूबर को करीब शाम पांच बजे कांवड़ लेकर देवघर आ रहे थे। इसी दौरान सरासनी गांव स्थित यात्री शेड से ठीक पहले मोड़ पर तीन मोटरसाइकिल पर सवार आठ लोग मिले।

इनमें तीन मोटरसाइकिल चालक हेलमेट पहने हुए थे, जिन्हें वह पहचान नहीं सके। वहीं पांच लोगों की पहचान अशोक सिंह, पिता स्व. कमलेश्वर सिंह, रितेश सिंह, अमित सिंह, दोनों अशोक सिंह के पुत्र, टिप्पू सिंह उर्फ विनोद सिंह तथा ललन सिंह उर्फ लल्लु, पिता सुभाष सिंह के रूप में बतायी गयी है।
प्राथमिकी के अनुसार, पांचों आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और फैट-मुक्का से मारपीट करते हुए गाली-गलौज व धमकी देने लगे। आरोप है कि उन्होंने कहा कि भागलपुर में उनके खिलाफ जो केस किया है, उसे उठा लो, नहीं तो कहीं भी रहोगे, पीछा कर मार देंगे। सुनील प्रसाद सिंह ने बताया कि उन्होंने आरोपियों से कहा कि वह जल लेकर देवघर चढ़ाने जा रहे हैं और इस तरह उनका पीछा करना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला गांव-घर में बैठकर सुलझाया जाए। मामले में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद अमित सिंह और रितेश सिंह ने उन्हें पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। अमित सिंह ने चाकू उनकी गर्दन में सटा दिया, जबकि अशोक सिंह ने उनकी अंगुली में पहनी सोने की अंगूठी, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बतायी गयी है, छीन ली। वहीं रितेश सिंह पर जेब से 4,200 रुपये निकालने का आरोप लगाया गया है। टिप्पू सिंह और ललन सिंह द्वारा घूंसा मारने तथा धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा कि देवघर से लौटकर दो लाख रुपये रंगदारी के रूप में पहुंचा देना और केस उठा लेना, नहीं तो अगली बार साफ कर देंगे तथा किसी को पता भी नहीं चलेगा। इसी बीच आसपास के लोग जमा होने लगे।
आरोप है कि आरोपियों ने लोगों से कहा कि यह उनका गांव का मामला है और इसके बाद सभी मोटरसाइकिल से वहां से भाग गये। सुनील प्रसाद सिंह ने मामले में बताया है कि वह रात में थाना नहीं जा सके। वह उपवास में भी थे। उन्होंने मोबाइल से रिखिया थाना को घटना की सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची थ। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।



