Deoghar: देवघर की रहने वाली अंशु रानी ने प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह सियोरा किड्ज (Siora Kidz) की संस्थापक एवं निदेशक हैं। उनकी कंपनी द सियोरा एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड, ग्रेटर नोएडा पश्चिम (उत्तर प्रदेश) में स्थित है।

सियोरा किड्ज का उद्देश्य बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उनके भावनात्मक और समग्र विकास पर विशेष ध्यान देना है।

अंशु रानी ने देवघर कॉलेज से भौतिकी में स्नातक और नागपुर विश्वविद्यालय से MCA में स्नातकोत्तर हैं। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बीस वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने विभिन्न विषयों में शिक्षा के क्षेत्र में काम किया है और पिछले पांच वर्षों से प्री-स्कूलों के निर्माण एवं संचालन से भी जुड़ी रही हैं। सियोरा किड्ज की शैक्षणिक व्यवस्था और पाठ्यक्रम को विकसित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
सियोरा किड्ज भारत का पहला Emotional Quotient (EQ) Preschool है। यहां बच्चों की शिक्षा में भावनात्मक बुद्धिमत्ता को विशेष महत्व दिया जाता है। संस्थान का मानना है कि बच्चों को केवल स्कूल के लिए तैयार करने के बजाय उन्हें जीवन के लिए तैयार किया जाना चाहिए। इसके तहत बच्चों में सहानुभूति, लचीलापन, आत्मविश्वास, स्पष्ट सोच, कृतज्ञता, ईमानदारी और अनुकूलन क्षमता जैसे गुण विकसित करने पर जोर दिया जाता है।
सियोरा किड्ज का पाठ्यक्रम मूल्य-आधारित शिक्षा, समग्र विकास और भविष्य के लिए जरूरी कौशल पर आधारित है। इसमें खेल के माध्यम से सीखने, मोंटेसरी, अनुभवात्मक शिक्षा, थीम आधारित शिक्षा और अन्य शिक्षण पद्धतियों को एकीकृत किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनके सामाजिक, भावनात्मक और व्यक्तिगत विकास को भी मजबूत करना है।
अंशु रानी की पहल ऐसे समय में सामने आई है जब शुरुआती वर्षों की शिक्षा को बच्चों के भविष्य की नींव माना जा रहा है। उनका प्रयास बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां वे सोच सकें, महसूस कर सकें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें और बदलती दुनिया के लिए खुद को तैयार कर सकें।
देश के अन्य शहरों तक विस्तार की तैयारी।
सियोरा किड्ज अब अपने मॉडल को देश के अन्य शहरों तक ले जाने की दिशा में काम कर रहा है। कंपनी की फ्रेंचाइजी पेशकश में पूर्ण प्री-स्कूल सेटअप समाधान के साथ ब्रांड, पाठ्यक्रम, शिक्षक प्रशिक्षण, मार्केटिंग, संचालन और विभिन्न गतिविधियों में सहयोग शामिल है।
फ्रेंचाइजी पार्टनर्स को स्थान चयन, इंटीरियर डिजाइन की रूपरेखा, पाठ्यक्रम सामग्री, स्टाफ की भर्ती, शिक्षक प्रशिक्षण तथा संस्थान की शुरुआत से लेकर निरंतर संचालन तक आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। इस तरह फ्रेंचाइजी लेने वाले साझेदारों को केवल ब्रांड से जुड़ने का अवसर ही नहीं, बल्कि प्री-स्कूल शुरू करने और संचालित करने के लिए एक संपूर्ण सहयोग प्रणाली भी उपलब्ध होती है।
सियोरा किड्ज की यह पहल देवघर से जुड़ी अंशु रानी की उस यात्रा को दर्शाती है, जिसमें उन्होंने अपने अनुभव और सोच को एक ऐसे शिक्षा मॉडल में बदला है, जिसका उद्देश्य बच्चों के शुरुआती विकास को नई दिशा देना है।
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