Patna : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम ने बुधवार को तीन दिनों में दूसरी बार पटना में छापेमारी की और चित्रगुप्त नगर इलाके के एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में दो फ्लैटों की तलाशी ली।

एनआईए की आठ सदस्यों वाली टीम साईं कुसुम इन्फिनिटी अपार्टमेंट पहुंची और फ्लैट नंबर 1206 और 609 की तलाशी ली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों फ्लैट संदीप नाम के व्यक्ति के नाम पर किराए पर लिए गए थे।

खबरों के अनुसार, ये तलाशी अभियान झारखंड के रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दफ्तर पर पेट्रोल बम हमले की जांच से जुड़ा है। इस मामले में दिल्ली में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और एनआईए की टीम उससे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
यह ताजा ऑपरेशन एनआईए द्वारा मंगलवार को इसी अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में की गई छापेमारी के एक दिन बाद हुआ है। मंगलवार के ऑपरेशन के दौरान एक युवक को हिरासत में लिया गया, जिसने एनआईए और पुलिस टीमों को देखकर स्कूटर से वहां से निकलने की कोशिश की थी।
कॉम्प्लेक्स के बाहर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और चित्रगुप्त नगर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। पुलिस ने युवक को रोका और उसके स्कूटर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके स्कूटर के स्टोरेज कम्पार्टमेंट से लगभग 20 लाख रुपए नकद वाला एक बैग बरामद हुआ। इसके बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को नकदी बरामदगी के बारे में जानकारी दी गई।
चित्रगुप्त नगर स्टेशन हाउस ऑफिसर शंकर झा ने बताया कि युवक की पहचान उसके आधार कार्ड के आधार पर अनमोल कुमार मोदी के तौर पर हुई। बताया जा रहा है कि वह पूर्वी चंपारण के चकिया में वार्ड नंबर 7 का रहने वाला है।
सूत्रों ने यह भी दावा किया कि एनआईए ने पिछले ऑपरेशन के दौरान आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के संदेह में एक और युवक को हिरासत में लिया था।
सूत्रों के मुताबिक, साईं कुसुम इन्फिनिटी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 609 से ‘मोस्ट वांटेड’ बताए जा रहे एक व्यक्ति को पकड़ा गया और एनआईए की हिरासत में ले लिया गया।
हालांकि, एजेंसी ने अभी तक हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान या तलाशी के दौरान बरामद सबूतों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
पटना में की गई यह तलाशी रांची के निवारणपुर इलाके में आरएसएस दफ्तर पर पेट्रोल बम हमले की कोशिश से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 16 जून की देर रात हुई थी, जब दो अज्ञात युवकों ने कथित तौर पर आरएसएस दफ्तर परिसर में पेट्रोल भरी बोतलें फेंकने की कोशिश की थी।
ये बोतलें, जो सॉस की बोतलें बताई जा रही हैं, बाउंड्री वॉल के बाहर गिरीं, जिससे कोई बड़ी घटना नहीं हुई। दफ्तर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
एनआईए इस मामले की जांच कर रही है और पटना में मौजूद लोगों और रांची की घटना के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है।(IANS)



