
Ranchi: ठाकुरगांव के बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड मामले में अपर न्यायायुक्त अमित शेखर की अदालत ने मृतक महिला के पति, सास, ससुर और ननद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। अदालत ने दोषी विजेंद्र राम, कमल राम, कोशिला देवी और रीमा देवी पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

मामला ठाकुरगांव थाना कांड संख्या 14/2023 से जुड़ा है। चारों आरोपी सात अप्रैल 2023 से न्यायिक हिरासत में हैं।

आरोपी विजेंद्र राम को अपनी पत्नी ममता देवी के पड़ोसी से कथित अवैध संबंध होने का शक था। उसे संदेह था कि बड़ा बेटा उसका नहीं है। इसी शक के आधार पर उसने महाराष्ट्र के नासिक में रहते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से हत्या की साजिश रची और अपने माता-पिता व बहन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की योजना बनायी।
योजना के तहत ममता देवी और उसके बड़े बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी गयी। इस वारदात का गवाह बने छोटे बेटे की भी गला दबाकर हत्या कर दी गयी थी। इसके बाद तीनों शवों को ठाकुरगांव के बगदाद जंगल में ले जाकर आग के हवाले कर दिया गया, ताकि उनकी पहचान मिटायी जा सके। शव करीब 80 प्रतिशत तक जल चुके थे, जिससे उनकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। बाद में रामगढ़ में दर्ज एक महिला और दो बच्चों की गुमशुदगी की रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया। मृतका के पिता की शिकायत पर ठाकुरगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।


