
Ranchi: झारखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में 11 और 12 जून को गर्जन के साथ बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाओं के प्रभाव और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की ओर से बुधवार को बताया गया कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के झारखंड सहित ओडिशा, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पहुंचने की प्रबल संभावना है। मानसून के आगमन के साथ राज्य में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 17 जून के बीच इसके संताल परगना के रास्ते झारखंड में प्रवेश करने की संभावना है। वर्तमान में मानसून बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है।
14 जिलों में जारी किया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने 11 जून के लिए रांची, खूंटी, रामगढ़, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और बोकारो में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, आंधी और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है। 12 जून को भी कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति 15 जून तक बने रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों, खुले क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और ग्रामीण इलाकों के निवासियों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
विभाग ने कहा है कि मानसून के आगमन से पहले राज्य में मौसम तेजी से बदल सकता है और कई क्षेत्रों में तेज बारिश, वज्रपात तथा आंधी की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।


