
Deoghar: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे आज दिल्ली से देवघर बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की।

पूजा अर्चना के बाद सांसद निशिकांत ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होते हैं और पिछले सात वर्षों से अब तक एक भी बैठक श्राइन बोर्ड के द्वारा नहीं किया गया है।

सांसद ने कहा कि आज विशेष तौर पर श्राइन बोर्ड की बैठक का हिस्सा बनने के लिए आया था। पिछले सात सालों में मुख्यमंत्री का आमने-सामने से चेहरा नहीं देखा। उन्होंने कहा कि बाबा के नाम पर मैं राजनीति नहीं करना चाहता हूं। इसलिए, मैंने सोचा कि सात साल के बाद श्राइन बोर्ड की बैठक होना है। इसमें देवघर के बारे में, बाबा बैद्यनाथ के लोगों के बारे में, पंडा समाज के बारे में, सहित यहां के स्थानीय लोगों के बारे में, दुकानदारों के बारे में बातचीत होगी। लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सातवां साल भी बैठक नहीं की यह बहुत गंभीर विषय है। श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हैं, लेकिन मुख्यमंत्री श्राइन बोर्ड की बैठक ही नहीं करते हैं।
सांसद ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देवघर का क्यू कॉम्प्लेक्स अब तक आधा ही बना हुआ है जो कि केंद्र सरकार के द्वारा दिया गया है। लेकिन वह अब तक अधूरा है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मुख्यमंत्री आदेश नहीं मान रहे हैं।
निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को यह आशंका है कि यदि श्राइन बोर्ड की बैठक होगी तो मंदिर प्रबंधन और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर में हुई चोरी समेत कई मामलों पर सवाल उठेंगे, इसलिए बैठक नहीं करायी जा रही है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार को पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए।
सांसद ने कहा कि श्रावणी मेला बाबा के ही कृपा से होगा और इस बार का मेला बाबा ही संभालेंगे। यहां के पंडा, जनता और श्रद्धालुओं के भरोसे ही इस बार का श्रावणी मेला होगा।


