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झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र कल हंगामेदार होने के आसार

झारखंड विधानसभा भवन में नमाज अदा करने के लिए अगल से एक कमरा अलॉट किया गया है। इस मामले पर राज्य की सियासत में उबाल है। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को हंगामेदार होने के आसार है।

Ranchi: झारखंड विधानसभा भवन में नमाज अदा करने के लिए अगल से एक कमरा अलॉट किया गया है। इस मामले पर राज्य की सियासत में उबाल है। इस मुद्दे को लेकर विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को हंगामेदार होने के आसार है। भाजपा सहित तमाम विपक्षी दल मुद्दे को लेकर तेवर तल्ख है, जिसका असर सदन के पटल पर भी देखने को मिलेगा।

मामले में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर को लोकतंत्र का मंदिर ही रहने देना चाहिए। अगल से नमाज अदा करने के लिए कमरे का अलॉटमेंट गलत है। हम इस फैसले के खिलाफ हैं।

भाजपा के रांची से विधायक सीपी सिंह ने बहुसंख्यक विधायकों की भावना का ख्याल रखते हुए मंदिर निर्माण की मांग कर डाली। उन्होंने कहा कि कि इबादत करने का सबको अधिकार है।

ऐसा पहली बार हो रहा है कि इसके लिए विधानसभा में ऐसी व्यवस्था की गई है। सभी धर्मों के मिले अलग-अलग कमरा विधानसभा में नमाज पढ़ने के लिए कमरा आवंटित किए जाना का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है।

भाजपा विधायक और विरोधी दल के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने शनिवार को झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो को पत्र लिखा है।

यह पत्र उन्होंने झारखंड विधानसभा परिसर में इस्लाम धर्म विशेष की धार्मिक प्रक्रिया नमाज अदायगी के लिए विशेष कक्ष का असंवैधानिक आवंटन के संबंध में लिखा है।

उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो से आदेश को वापस लेने की मांग की है। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु ने कहा कि झारखंड सरकार तुष्टीकरण की नीति बंद करें।

उल्लेखनीय है कि सत्र के पहले दिन भी भाजपा विधायकों ने शोक प्रकाश के दौरान जोरदार हंगामा किया था। पार्टी के विधायकों ने भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को बोलने का समय नहीं दिये जाने का मामला उठाया था।

कल पेश होगा प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी

विधानसभा में मानसूत्र सत्र के दौरान सोमवार को सरकार की ओर से प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी पेश की जायेगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री प्रश्नकाल होगा। इसमें विधायक मुख्यमंत्री से नीतिगत सवाल पूछ सकते हैं।

विधानसभा सत्र के दौरान प्रत्येक सोमवार को मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के लिए समय निर्धारित करने की परंपरा है। पिछले बजट सत्र से मुख्यमंत्री प्रश्नकाल नहीं होने पर भाजपा विधायकों ने सवाल उठाया था।

साथ ही आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री जनता के सवालों से भागना चाहते हैं। वहीं सत्ता पक्ष का कहना था कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री प्रश्नकाल को नहीं रखा गया है।

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