
Ranchi: फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सह सचिव रोहित पोद्दार के नेतृत्व में राज्य में औद्योगिक क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान उद्यमियों से प्राप्त समस्याओं को लेकर 20 मई को होटल रेडिसन ब्लू, रांची में संताल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, देवघर के प्रतिनिधिमंडल के साथ उद्योग सचिव अरवा राजकमल और जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई।

करीब दो घंटे तक चली इस विस्तृत समीक्षा बैठक में उद्योग सचिव ने देवघर से आए उद्यमियों की समस्याओं को एक-एक कर गंभीरता से सुना। उद्योग सचिव ने कई मामलों में मौके पर ही जियाडा के प्रबंध निदेशक एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए तथा लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की समस्याओं के समाधान के प्रति संवेदनशील है तथा उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में जसीडीह, देवीपुर, डाबरग्राम, हरियाडीह, बंधा आदि औद्योगिक क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर, भूमि आवंटन के उपरांत पजेशन में समस्या, अप्रोच रोड, ड्रेनेज, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य प्रशासनिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
झारखण्ड चैम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और सह सचिव रोहित पोद्दार तथा देवघर से अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा और पूर्व अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने निरीक्षण अभियान के दौरान सामने आई समस्याओं को क्रमवार उद्योग सचिव एवं जियाडा के प्रबंध निदेशक के समक्ष रखा।

बैठक में उद्यमियों ने बताया कि देवीपुर में भूमि आवंटन के वर्षों बाद भी पजेशन नहीं मिल पा रहा है, जिससे उद्योग स्थापना प्रभावित हो रही है और उद्यमियों की पूंजी फंस रही है। जसीडीह इंडस्ट्रियल एरिया में भी पजेशन के कुछ मामले, बचे हुए सड़क निर्माण, नाला एवं ड्रेनेज निर्माण तथा नर सिर से सोलर स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने की मांग रखी गई।
इस दौरान बिहार स्टेट फाइनेंस कॉर्पोरेशन से ऑक्शन के माध्यम से प्लॉट लेने वाले उद्यमियों का जियाडा के साथ वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाकर बकाए राशि का मुद्दा खत्म कर एनओसी देने तथा उद्यमियों के सब्सिडी से जुड़े मुद्दों से भी उद्योग सचिव को अवगत कराया गया। वहीं हरियाडीह और बंधा में जियाडा द्वारा जमीन का मूल्य करोड़ों में रखे जाने को उद्योग के बिल्कुल प्रतिकूल बताया और वहां भी जसीडीह या देवीपुर के समतुल्य मूल्य निर्धारण की मांग रखी।
जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र में एसटीपीआई के सामने अवैध रूप से अतिक्रमण कर तथा दुकान बनाकर चलाए जा रहे शराब की दुकान को अविलंब हटवाने का आग्रह किया गया जिससे एसटीपीआई में आने वाले कर्मियों तथा औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत लोगों को असहज स्थिति से छुटकारा मिले।
जसीडीह औद्योगिक क्षेत्र में स्टील प्लांट लगाने के इच्छुक उद्यमी रविशंकर सिंह ने दोनों अधिकारियों से पजेशन में आ रहे व्यवधान को दूर कराने का आग्रह किया तथा अपने प्रस्तावित उद्योग के बारे में बताया। एसपीपीआई ने दोनों अधिकारियों से जसीडीह और डाबरग्राम औद्योगिक क्षेत्रों में ग्रीनरी एरिया के लिए निर्धारित प्लॉट को वहां पौधारोपण कर मेंटेनेंस के लिए चैंबर को देने का प्रस्ताव दिया है जिसपर अधिकारी द्वय की सैद्धांतिक सहमति भी मिली है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कई औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर समन्वय एवं नियमित मॉनिटरिंग की आवश्यकता है, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस पिकेट, डेडीकेटेड विद्युत फीडर एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की मांग भी रखी।
उधर देवीपुर में बने देश के पांचवें प्लास्टिक पार्क में प्लॉट आवंटित कर इसका संचालन जल्द शुरू करने की बात भी रखी गई। यह भी मांग की गई कि प्लास्टिक पार्क में लगभग 36 पूर्व से आवंटित प्लॉट के आवंटन प्रक्रिया को 30 दिनों के अंदर निष्पादित किया जाय तथा बाकि बचे हुए प्लॉट पर आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाय।
छोटे-बड़े 102 प्लास्टिक उद्योग के लिए यहां प्लग एंड प्ले के तर्ज पर प्लास्टिक उद्योग के लिए उद्यमियों को प्लॉट आवंटित किए जाने हैं। संताल परगना चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने उद्योग विभाग के सहयोग से देवघर में प्लास्टिक उद्योगों के लिए एक निवेशक सम्मेलन आयोजन का प्रस्ताव भी दिया जिसे झारखंड प्लास्टिक पार्क लिमिटेड के चेयरमैन अरवा राजकमल और एमडी वरुण रंजन काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए इसे शीघ्र ही आयोजित कराने का आश्वासन दिया।
उद्योग सचिव एवं जियाडा के प्रबंध निदेशक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के विकास एवं निवेश प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है तथा औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान हेतु विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उद्योग सचिव ने जसीडीह फेज-1 स्थित बीएसएनएल के बंद पड़े कार्यालय के आवंटन को रद्द कर उक्त भूमि को अन्य उद्यमियों को आवंटित करने की दिशा में कार्रवाई करने की बात कही। चैम्बर की मांग पर उन्होंने यह भी कहा कि जियाडा के क्षेत्रीय कार्यालयों को प्रत्येक माह स्थानीय चैम्बर प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने हेतु निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि उद्यमियों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के संचालन एवं नए निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार उदार एवं उद्योग-अनुकूल दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है तथा इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति जल्द ही लागू की जाएगी, जिसमें उद्योगों के प्रोत्साहन एवं निवेश आकर्षित करने हेतु कई आकर्षक योजनाएं एवं प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं।
चैम्बर की मांग पर जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने कहा कि जियाडा द्वारा जल्द ही यूनिफाइड आईपी सिस्टम लॉन्च किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक अलॉटी का अलग अकाउंट होगा। इस सिस्टम में आवंटित भूमि से संबंधित सभी विवरण उपलब्ध रहेंगे तथा एनओसी प्राप्त करने, शिकायत दर्ज करने, शिकायतों के निपटारे सहित विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और उद्यमियों को विभागीय प्रक्रियाओं में सहूलियत मिलेगी।
भूमि आवंटन के बाद लैंड पजेशन में आने वाली समस्याओं को उन्होंने वास्तविक बताते हुए कहा कि जियाडा द्वारा इसके समाधान हेतु नया रेगुलेशन लाया जा रहा है, जिससे ऐसे मामलों का त्वरित निष्पादन संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि डीओपी वर्डिंग में भी बदलाव किया जा रहा है, जिससे भविष्य में प्रोजेक्ट चेंज अथवा नेचर ऑफ बिजनेस परिवर्तन जैसी समस्याएं उद्यमियों के लिए बाधा नहीं बनेंगी।
उन्होंने कई इंडस्ट्रियल एरिया में जलापूर्ति की समस्या को भी गंभीरता से लेते हुए आवश्यक स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने एवं आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
झारखण्ड चैम्बर के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि राज्यभर में चल रहा निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा सभी औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण कर एक समग्र रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति मिल सके।
वहीं संताल परगना चैंबर के वर्तमान अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा और पूर्व अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने कहा कि देवघर सहित संताल परगना के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग लग सके, इसके लिए चैंबर सरकार के साथ लगातार संपर्क और बैठकें कर उद्योग अनुकूल वातावरण निर्माण में निरंतर प्रयास करेगी।
बैठक में फेडेरेशन अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया एवं राम बांगड़, सह सचिव नवजोत अलंग एवं रोहित पोद्दार, बिनोद अग्रवाल तथा देवघर से चैंबर अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा, पूर्व अध्यक्ष आलोक मल्लिक, महासचिव निरंजन कुमार सिंह, संयुक्त सचिव पंकज भालोटिया, प्रिंस सिंघल, रविशंकर सिंह, सुबोध बरनवाल सहित राज्य के अन्य जिलों के कई उद्यमी शामिल थे।
उक्त बैठक से पूर्व उद्योग निदेशालय से प्राप्त आमंत्रण पर संताल परगना चैंबर के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उद्योग मंत्री संजय यादव की अध्यक्षता और उद्योग सचिव अरवा राजकमल एवं उद्योग निदेशक विशाल सागर की उपस्थिति में राज्य स्तरीय सीएसआर कॉनक्लेव में भाग लिया तथा अपने विचार रखे।
चैंबर की टीम ने उद्योग मंत्री संजय यादव से भी अनौपचारिक मुलाकात की तथा देवघर एवं संताल परगना की औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी दी। मंत्री ने शीघ्र ही चैंबर के साथ देवघर में औपचारिक मीटिंग की स्वीकृति दी है।


