
Deoghar: बाबा बैद्यनाथ मंदिर में वीआइपी रास्तों से अनियंत्रित प्रवेश को लेकर लगातार वायरल हो रहे वीडियो और उठ रहे सवाल के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए नयी व्यवस्था लागू कर दी है। अब फिलपाया व प्रशासनिक भवन से मंदिर में प्रवेश केवल चुनिंदा लोगों को ही मिलेगा। इसमें राज्य के राजकीय अतिथि, वरीय अधिकारी, उनके अधिकृत रेफरेंस या फिर बड़े संत-महात्मा ही शामिल होंगे।
कंट्रोल रूम में एक विशेष पंजी की व्यवस्था

नयी व्यवस्था के तहत किसी भी व्यक्ति को सीधे प्रवेश नहीं दिया जायेगा। मंदिर कंट्रोल रूम से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। मंदिर प्रभारी या सहायक प्रभारी के निर्देश के बाद ही इंट्री संभव होगी। इसके लिए कंट्रोल रूम में एक विशेष पंजी (रजिस्टर) की व्यवस्था की गयी है, जिसमें आने वाले अतिथि को अपना पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, किसके रेफरेंस से आये हैं, जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भरनी होंगी।
सख्ती से होगी विवरण की जाँच

मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पंजी में दर्ज विवरण की सख्ती से जांच की जायेगी। अगर जांच के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी पायी जाती है, तो संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य वीआइपी प्रवेश के नाम पर हो रही अव्यवस्था और आम श्रद्धालुओं के साथ हो रहे भेदभाव को रोकना है।
आम श्रद्धालुओं को राहत मिलने की संभावना
नयी व्यवस्था के अनुसार, प्रशासनिक भवन में बिना दंडाधिकारी की अनुमति के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। सुरक्षा कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में अंदर नहीं जाने दें।
प्रशासन के इस फैसले से जहां व्यवस्था में पारदर्शिता आने की उम्मीद है, वहीं आम श्रद्धालुओं को भी राहत मिलने की संभावना जतायी जा रही है।


