
Deoghar : मिडिल ईस्ट युद्ध (Middle East War) के कारण पूरे विश्व में ऊर्जा संकट (Global Energy Crisis) की स्थिति उत्पन्न हो गई है। देश में भी एलपीजी गैस शॉर्टेज (LPG Gas Shortage) के कारण आम रसोई के साथ-साथ व्यवसायों पर भी असर पड़ रहा है।

ऐसे में अगर एलपीजी सिलिंडर का विकल्प मिले तो बड़ी राहत की बात होगी। खासकर, कमर्शियल एलपीजी को लेकर।

तो, इस विकल्प की तलाश बाबा वैद्यनाथ की नगरी देवघर के बीकानेर स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट व इससे जुड़ी नमन ब्रांड की बेकरी और कुकिंग फैक्ट्री में पूरी हुई है। जहां एलपीजी की किल्लत का कोई असर नहीं पड़ रहा।
इस बेकरी और फैक्ट्री में गैसीफायर से एलपीजी गैस की कमी पूरी हो रही है।
देवघर शहर में ब्रांड के रूप में पूर्ण विकसित हो चुकी नमन बेकरी और फैक्ट्री (बीकानेर स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट) ने करीब डेढ़ साल पहले एलपीजी के साथ साथ गैसीफायर को चुना।
जिससे फैक्ट्री को एलपीजी कनेक्शन की तुलना में हर माह करीब 40 से 50 हजार रुपए का मुनाफा तो है ही साथ ही आज के समय में चिंतामुक्त भी है।
बीकानेर स्वीट्स की तमाम लजीज मिठाइयों के साथ साथ नमन ब्रेड, नमन कॉर्न फ्लोर, कस्टर्ड पाउडर, आइसिंग शुगर और बेकिंग पाउडर जैसे 400 से 500 प्रोडक्ट को हर दिन तैयार करने वाली इस फैक्ट्री में बगैर धुएं और पॉल्यूशन के गैसीफायर कारगार साबित हो रहा।
प्रोपराइटर, संजीत कुमार सिंह कहते हैं कि सरकार आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। सबका योगदान जरूरी है। डेढ़ साल पहले यह यूनिट लगाया गया था, तब से ही एलपीजी और गैसीफायर का समान प्रयोग किया जा रहा था। अभी जिस तरह एलपीजी सिलेंडर की किल्लत का सामना करना पड़ रहा ऐसे में हमारी फैक्ट्री में पूरी तरह गैसीफायर का प्रयोग किया जा रहा है।
क्या है गैसीफायर
गैसीफायर (Gasifier) एक ऐसा थर्मल रिएक्टर या मशीन है, जो बायोमास, लकड़ी, या कोयले जैसे ठोस ईंधन को उच्च तापमान पर सीमित ऑक्सीजन के साथ आंशिक रूप से जलाकर, उत्पादक गैस (Producer Gas/Syngas) में बदलता है।
यह गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन, और मीथेन का मिश्रण) डीजल या LPG के विकल्प के रूप में इंजन चलाने या भट्टियां जलाने में उपयोग की जाती है।



