
New Delhi: भागलपुर रेल बाईपास निर्माण परियोजना को रेल मंत्रालय की स्वीकृति मिल गयी है। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के आग्रह पर इस परियोजना को मंजूरी मिल गयी है। इस निर्णय से भागलपुर में लंबे समय से बनी रेल दबाव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

सांसद के अनुसार, यह परियोजना भागलपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल जंक्शन पर दबाव कम होगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।

सांसद निशिकांत दुबे ने भागलपुर रेल बाईपास निर्माण को लेकर कहा कि “प्रधानमंत्री ने भागलपुर के रेलवे यात्री सुविधाओं के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसलिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी से मिलकर लगातार मैं जसीडीह, मधुपुर, हंसडिहा की तरह रेल बाईपास बनाने का आग्रह करता रहा। अब यह मांग पूरी हुई।”
सांसद ने कहा कि “सबौर रेलवे स्टेशन के विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थल गोनूधाम का विकास अब होगा।”
उन्होंने रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
बता दें कि रेल मंत्रालय ने बिहार के भागलपुर सहित देश की दो महत्वपूर्ण रेल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मंत्रालय के अनुसार, शहर में 13.38 किलोमीटर लंबा नया रेल बाईपास बनाया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 303.20 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह बाईपास पूर्वी रेलवे के अंतर्गत विकसित किया जाएगा और बरहेट-भागलपुर रेलखंड के गोनूधाम हॉल्ट को भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड के सबौर स्टेशन से जोड़ेगा।


