
Deoghar: एक शख्स का एटीएम मशीन में फंस गया और उसे निकालने के नाम पर उससे एक लाख की ठगी कर ली गयी है।

पीड़ित गोरांग चंद्र सिंह देवघर जिले के सारठ थाना क्षेत्र के खरवड़ा गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह बेलाबगान मोहल्ला स्थित एक बुलेट शोरूम के नजदिक एक एसबीआइ के एटीएम मशीन से रूपया निकालने के लिए गया था। वहां उसका कार्ड एटीएम मशीन में फंस गया। उसके पीछे एक व्यक्ति खड़ा था।

उसने बताया कि वहां लिखे गए नंबर पर कॉल कीजिए आपको मदद मिल जाएगा। उसने कॉल किया तो बात करने वाले ने उसे पिन नंबर डालने व फिर कैंसिल बटन दबाने को कहा। उसने झांसे में आकर वैसा ही किया। उसके बाद उसने उसे साधना भवन स्थित बैंक के पास आने को कहा। वह उसकी बात मानकर वहां चला गया। वहां कोई नहीं मिला। उसके बाद उसे फिर से एटीएम के पास आने को कहा। वहां जाने पर भी कोई नहीं था।
उपरांत उसे जानकारी मिली कि इस बीच उसका कार्ड बदल लिया गया है। वहीं उसके कार्ड का इस्तेमाल कर उसके बैंक खाता से 40 हजार की अवैध निकासी कर ली गयी थी। वहीं करीब 59 हजार रुपया दो बार में किसी और के खाता में ट्रांसफर कर लिया गया है। मैसेज आने पर उसे ठगी के बारे में पता चला। उसके बाद उसने साइबर थाना पहुंचकर पुलिस से इस बारे में शिकायत की।
साइबर थाना की पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। दिए गए नंबर के आधार पर साइबर ठगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
बताते चलें कि एक सप्ताह पूर्व ही पुलिस ने इसी तरह से ठगी करने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पकड़े गए आरोपितों में तीन बिहार के जमुई जिला के और एक बिहार के नवादा जिला का रहने वाला था। पूछताछ के क्रम में पता चला है कि ये लोग एटीएम में कार्ड डालने वाली जगह पर सूई की मदद से फेवीक्विक लगा लगा देते थे। उसके बाद जब लोग मदद के लिए कार्ड अंदर डालते थे तो कार्ड फंस जाता था। उसके बाद लोग मदद के लिए नंबर पर कॉल करते थे। बाद में झांसा में लेकर ठग उसे वहां से हटा देते थे। वहीं बाद में उसका कार्ड बदल लेते थे। फिर उसके कार्ड से पैसा की अवैध निकासी कर लेते थे।
पुलिस को काफी समय से इस गिरोह की तलाश थी। कई घटनाओं को गिरोह द्वारा अंजाम दिया गया था। पुलिस को लगा था कि इस गिरोह के पकड़े जाने के बाद इस तरह का धंधा बंद हो जाएगा या फिर इसमें कमी आएगी। लेकिन दूसरा गिरोह पहले गिरोह के पकड़े जाने के बाद काफी सक्रिय हो गया है। फिर से लगातार घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। ये गिरोह पुलिस को खुली चुनौती दे रहा है।
ऐसे में पुलिस फिर से गिरोह की तलाश में जुट गयी है। आशंका है कि इस दूसरे गिरोह का भी बिहार से ही कनेक्शन है।



