
Deoghar Crime News : बिहार के जमुई जिला के एक डाक्टर से 20 लाख रुपया रंगदारी मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। पुलिस ने मामला दर्ज होने के 48 घंटे के अंदर अपराधियों को देवघर के जसीडीह और रिखिया थाना इलाके से चार आरोपित को दबोच लिया।

इस घटना के सिलसिले में बिहार पुलिस ने देवघर पुलिस के सहयोग से देवघर के रिखिया और जसीडीह थाना क्षेत्र से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए आरोपितों में देवघर जिला के जसीडीह थाना क्षेत्र के रोहिणी गांव के गांधी चौक केवट टोला निवासी विश्वनाथ कापरी, इसी थाना क्षेत्र के तिवारीडीह गांव निवासी जेल में बंद कुख्यात अपराधी केशव दूबे का भाई हरिओम दुबे, रिखिया थाना क्षेत्र के कोराबांध बलसरा गांव निवासी विकास पालिवार उर्फ भाखर और नगर थाना क्षेत्र के सरदार पंडा लेन निवासी नयन शांडिल्य उर्फ मोनू शामिल हैं।
इनमें से भाखर व मोनू कुख्यात बदमाश है। इनके खिलाफ पहले से मामला दर्ज है। ये लोग पहले भी कई संगिन मामले में जेल जा चुके हैं। इनके पास से रंगदारी मांगने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन व सिम कार्ड भी बरामद किया गया है।
बताते चलें कि जमुई जिला के सतगामा निवासी डॉ सूर्यनंदन सिंह को फोन पर बीस लाख की रंगदारी की मांग की गई थी। मांग पूरा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। घटना को लेकर पीड़ित चिकित्सक द्वारा जमुई थाना में दस जून को मामला दर्ज कराया गया था।
पुलिस को जांच के क्रम में इस घटना में देवघर के अपराधियों के शामिल होने की जानकारी मिली। इसी आधार पर देवघर पुलिस के सहयोग से गुरुवार की अहले सुबह देवघर में छापेमारी कर इन आरोपितों को दबोचा गया। पूछताछ करने के बाद जमुई पुलिस ने सभी आरोपितों को जेल भेज दिया है।
देवघर जेल में रची गई साजिश
पुलिस छानबीन के क्रम में यह भी जानकारी मिली कि देवघर जेल में बंद कुख्यात अपराधी केशव दुबे और सौरभ पालिवार ने घटना की साजिश को देवघर जेल में रची थी। डाक्टर का मोबाइल नंबर जमुई जिला के गिद्धौर थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी नीतीश झा ने आरोपितों को उपलब्ध कराया था।
उसके बाद केशव दुबे के भाई हरिओम दुबे ने अपने तीन साथियों के साथ साजिश के तहत डाक्टर को फोन कर रंगदारी की मांग की। रंगदारी की मांग के लिये जिस सिमकार्ड का इस्तेमाल किया गया था वह सिम कुछ दिन पहले नितीश सिंह साकिन खरहौला थाना देवीपुर जिला देवघर के पास से जसीडीह स्टेशन में चोरी हो गयी थी।


