
Madhupur (Deoghar): पुलिस की वर्दी पहनकर साइबर आरोपियों के घर लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश आरपीएफ अपराध नियंत्रण की टीम और सीआईबी की संयुक्त टीम ने किया है। टीम ने हावड़ा- काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस से दो अपराधी को धर-दबोचा है।

आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में जानकारी मिली की घटना को अंजाम देकर बोलेरो से अपराधियों ने अपने दोस्त साथियों को विद्यासागर स्टेशन छोड़ा था। यहां से दोनों जनरल टिकट लेकर काठगोदाम-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के एसी बोगी में सवार हो गए थे। ट्रेन में आरपीएफ की सीआइबी और अपराध नियंत्रण की टीम यात्री सुरक्षा में लगी हुई थी। अपराध नियंत्रण टीम की नजर उन दोनों युवकों पर जब पड़ी। टीम ने दोनों युवकों के पास जाकर पूछताछ शुरू कर दिया। दोनों ने सामान्य टिकट रेल यात्रा टिकट दिखाए। एसी में चढ़ने का कारण पूछने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों युवकों पर संदेह हुआ। दोनों की तलाशी ली गई। उनके पास से पांच मोबाइल बरामद हुआ है। जिसमे तीन एंड्राइड व दो टेब मोबाइल शामिल है। मोबाइल को लॉक खोलने को कहा गया जिसमें दो मोबाइल का लॉक नहीं खोल पाए। इसके बाद आरपीएफ की टीम का शक यकीन में बदल गया।

आरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि दोनों ने गुमराह करने की बहुत कोशिश की लेकिन आरपीएफ की टीम उनके बातों पर नहीं यकीन किया। कड़ाई से पूछताछ करने के बाद दोनों ने बताया कि वह लोग आसनसोल रेल पार मोहल्ला का रहने वाले हैं। दोनों को मार्गोमुंडा थाना क्षेत्र के स्थानीय गिरोह द्वारा आपराधिक वारदात का अंजाम देने के लिए बुलाया गया था। उनलोगो का मकसद साइबर ठग के घर घुसकर लूटपाट करना है। उनलोगों ने करमाटांड़ और मारगोमुंडा थाना इलाके में रात में घटना को अंजाम दिया है। उनके साथी बोलेरो से विद्यासागर स्टेशन छोड़कर चले गए। गिरोह में करीब एक दर्जन लोग हैं। मधुपुर जीआरपी ने पूछताछ के बाद इस घटना की जानकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी व मधुपुर थाना को दी।
सूचना पर मधुपुर थाना के पुलिस अधिकारी और बल जीआरपी पहुंचे। मधुपुर थाना की पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी मिलने की संभावना है। आरपीएफ ने बताया कि पकड़े गए मो. महताब आलम और मो. महबूब याकूब रेल पार आसनसोल का रहने वाला है। मोहम्मद याकूब अपने आप को आसनसोल पुलिस स्टेशन का प्राइवेट चालक बताता है। इसके पास से बरामद मोबाइल और टैब को मधुपुर पुलिस लेकर गई है।
आरपीएफ के अपराध नियंत्रण की टीम में एसआई रंजीत कुमार पांडे, कांस्टेबल टी अंसारी, आरके सिंह, एसपी वर्मा, डी तिवारी शामिल थे।


