
Deoghar: लाखों रुपए गबन के आरोप में देवघर जिले के करौं प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित नाजिर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार नाजिर अमित कुमार के खिलाफ करौं प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। उसके उपर 95 लाख रुपए से ज्यादा के गबन का आरोप है।

आरोप है कि अमित कुमार द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर और परिवहन कर्मी के भुगतान विपत्र में खाता संख्या को बदलकर अपने और अपने रिश्तेदारों के खाता में प्रविष्टि कर राशि की अवैध निकासी किया गया है।

दर्ज मामले में कहा गया है कि करौं प्रखंड कार्यालय में नाजिर सह स्थापना लिपिक अमित कुमार के द्वारा प्रखंड के सेवानिवृत अनुसेवक श्रीकांत सिंह का विपत्र उप कोषागार मधुपुर में जमा कराकर उसकी निकासी कर ली गई। जब बीडीओ हरि उरांव को इस बारे में पता चला तो तत्काल उप कोषागार पदाधिकारी मधुपुर से संपर्क किया गया।
जिसके बाद जांच में पता चला कि अमित कुमार द्वारा लाखों का गबन किया गया है । बताया जा रहा है कि पता चला 20 लाख 87 हजार 328 रुपया का भुगतान पारित किया जा चुका है। जिसके बाद केनरा बैंक मधुपुर शाखा प्रबंधक से मिलकर जिस खाता में पैसा ट्रांसफर किया गया था उसे होल्ड कराया गया। उस खाता का विवरण निकलवाने पर पता चला कि ये श्रीकांत सिंह का खाता नहीं है। ये खाता बिहार के नवादा जिला के कलाली मोड निवासी सरिता वर्णवाल के नाम का खाता है। उसके बाद उप कोषागार मधुपुर में जाकर सेवानिवृत परिवहन कर्मी के पूर्व में किए गए भुगतान के बारे में जानकारी प्राप्त की गई। जिसमें पता चला कि उसके द्वारा पूर्व में अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह से हेराफेरी की गई है। इससे पूर्व सेवानिवृत परिवहन कर्मी मृत राधा किशुन सिंह की पत्नी मोती देवी के साथ जालसाजी कर 20 लाख 87 हजार 328 रुपया की अवैध निकासी की गई। ये पैसा अमित कुमार के खाता में भेजा गया है। वहीं महिला का 18 लाख 8 हजार 900 रुपया बिहार पटना खगौल सनरारी निवासी प्रीति रानी के खाता में ट्रांसफर किया गया। वहीं श्रीकांत सिंह का एक बार और 20 लाख 87 हजार 328 रुपया सरिता वर्णवाल के खाता में भेजा गया है। श्रीकांत सिंह का ही 18 लाख 8 हजार 900 रुपया फिर से एक बार सरिता वर्णवाल के खाता में ट्रांसफर हुआ है। वहीं गोवर्धन प्रसाद सिंह 18 लाख 61 हजार 338 रुपया सरिता वर्णवाल के बेटे हेमंत कुमार के खाता में ट्रांसफर किया गया। जबकि शंकर प्रसाद केशरी के हिस्से का 10 लाख 12 हजार 510 रुपया सीमा पेपर मार्ट पुरनदाहा रोड शशांक कांप्लेक्स के नाम से ट्रांसफर हुआ है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इनके अलावा भी अन्य विपत्र के माध्यम से कर्मी के खाता को बदलकर भुगतान किया गया है जिसकी जांच जारी है।
कहा गया है कि अमित कुमार नाजिर सह स्थापना लिपिक करौं के द्वारा सेवानिवृत परिवहन कर्मी के नाम विपत्र में सही था और परिवहन कर्मी के खाते में प्रविष्टि नहीं कर अपना एवं रिश्तेदारों के खाते में प्रविष्टि कर राशि की निकासी की गई है। जिन लोगों के खाता से पैसा की हेराफेरी की गई है वे सभी पहले परिवहन विभाग में कार्यरत थे। उन सभी का समायोजन करौं प्रखंड में किया गया था। ये सभी लोग 2010-11 में सेवानिवृत हुए थे। हेराफेरी किया गया पैसा इन सभी के सेवानिवृित का पैसा है।
दर्ज मामले में कहा गया है कि सेवानिवृत कर्मी मृत राधा किशुन सिंह की पत्नी मोती देवी, श्रीकांत सिंह, गोवर्धन प्रसाद सिंह, शंकर प्रसाद केशरी का नाम बिल में अंकित है। जबकि इसी कॉलम के सामने खाता संख्या कर्मी के नाम से मिलान नहीं होता है। ये जांच का विषय है।
अब पूरे मामले में विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।


